Skip to main content

आजादी के 78 वर्षों बाद भी लांघाडोल हुरदुल नदी पर पुल का इंतजार, मोटरसाइकिल को मचान बनाकर लोग कर रहे नदी पार — तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल


आजादी के 78 वर्षों बाद भी लांघाडोल हुरदुल नदी पर पुल का इंतजार, मोटरसाइकिल को मचान बनाकर लोग कर रहे नदी पार — तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल

सिंगरौली। विकास की दौड़ में तेजी से आगे बढ़ रहे सिंगरौली जिले में आज भी कई गांव मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण लांघाडोल क्षेत्र की हुरदुल नदी है, जहां आजादी के 78 साल बाद भी पुल का निर्माण नहीं हो सका है।

 सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें ग्रामीण मोटरसाइकिल और गाड़ियों को मचान की तरह सजाकर नदी पार करते नजर आ रहे हैं। यह नजारा जिले के विकास की सच्चाई को उजागर करता है।

👉 बरसात के दिनों में यह नदी और भी विकराल रूप ले लेती है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। बच्चों की पढ़ाई, मरीजों का इलाज और ग्रामीणों की रोजमर्रा की जरूरतें बुरी तरह प्रभावित होती हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शासन-प्रशासन से पुल की मांग की गई, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बिना पुल के यह स्थिति कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। वायरल हो रही तस्वीर प्रशासनिक दावों और धरातल की हकीकत के बीच के फर्क को साफ दिखा रही है।

👉 ग्रामीणों ने अब शासन और जनप्रतिनिधियों से सवाल किया है कि आखिर कब उन्हें सुरक्षित पुल का सपना पूरा होगा?

#सिंगरौली #लांघाडोल #हुरदुलनदी #ग्रामीण_समस्या #मूलभूत_सुविधा #BreakingNews #SantoshDubeyपत्रकारसिंगरौली

Comments

Popular posts from this blog

जनता की होगी पुलिस, सत्ता की नहीं, MP Police के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के 7 क्रांतिकारी निर्देश

  जनता की होगी पुलिस, सत्ता की नहीं MP Police के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के 7 क्रांतिकारी निर्देश Supreme Court on MP Police: मध्य प्रदेश पुलिस के खिलाफ मिली शिकायतों की स्वतंत्र समीक्षा के लिए शिकायत बोर्ड का करना होगा गठन करने के आदेश... दिए 7 क्रांतिकारी निर्देश Supreme Court on MP Police Complaint Board: राज्य में पुलिस शिकायत बोर्ड का गठन वर्षों से लंबित है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार समिति हर जिले में बनना अनिवार्य है। बोर्ड की अध्यक्षता प्रभारी मंत्री होंगे। उद्देश्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मिली शिकायतों की स्वतंत्र समीक्षा करना है। अब डीजीपी ने हाल ही में आदेश जारी कर जिलों में समिति को तत्काल गठित करने के निर्देश दिए हैं। कई जिलों के अधिकारी प्रक्रिया को टालते रहे। अब प्रत्येक शिकायत, जांच और अधिकारी के कदाचार की समीक्षा बोर्ड के जरिए हो सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है, यह कदम पुलिस जवाबदेही और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा सुधार साबित होगा। बशर्ते समिति सक्रिय रूप से काम करे। जनता की होगी पुलिस, सत्ता की नहीं प्रकाश सिंह बनाम भारत संघ (2006) के मामले में सुप्...

कटनी में पगला कहने पर ऐसा विवाद बढ़ा कि चार लोगों ने मिलकर एक युवक के घर में बम फेंक दिया

 ‘पगला’ कहने पर बढ़ा विवाद तो चार युवकों ने घर के बाहर बम फेंका, इलाके में फैली दहशत MP News: मध्यप्रदेश के कटनी में पगला कहने पर ऐसा विवाद बढ़ा कि चार लोगों ने मिलकर एक युवक के घर में बम फेंक दिया। MP News: मध्यप्रदेश के कटनी शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के गायत्री नगर में उस वक्त हड़कंप मच गया। जब चार युवकों ने घर के बाहल बम फेंक दिया गया। घटना के स्थानीय लोग दहशत में आ गए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। दरअसल, गायत्री नगर स्थित सोनी का बगीचा का मामला है। यहां पर मोहन जायसवाल के घर के बाहर राज बेन, राहुल बेन, प्रशांत बेन और विशाल बेन नामक चार युवक पहुंचे। बताया जाता है कि विवाद की शुरुआत मोहन जायसवाल को ‘पगला’ कहने को लेकर हुई। इसी बात पर कहासुनी बढ़ी और विवाद ने उग्र रूप ले लिया। इसके बाद चारों युवकों ने घर के बाहर बम फेंककर दहशत फैलाते हुए मोहन जायसवाल को जान से मारने की धमकी दी। मोहल्ले में दहशत का माहौल बम फेंकने की जानकारी मिलते ही मोहल्ले में अफरा-तफरी का मच गई। लोग घरों से बाहर निकाल आए और पुलिस को तुरंत सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मोहन जायसवाल की श...

10 साल की मूक-बधिर मासूम बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म का रौंगटे खड़े कर देने वाला मामला

10 साल की मासूम का गैंग रेप, मूक-बधिर को सड़क से उठा ले गए थे दरिंदे Minor Gang Rape MP: एमपी के अशोकनगर जिले में 10 साल की मूक-बधिर मासूम बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म का रौंगटे खड़े कर देने वाला मामला, कुशवाह समाज ने आरोपियों का समाज से किया बहिष्कार, दिल दहला देने वाले इस मामले में दिव्यांगों ने कलेक्टर को सौंपा सीएम के नाम का ज्ञापन, फांसी की मांग पर अड़े Minor Gang Rape MP: दो दिन पहले 10 वर्षीय नाबालिग मूक-बधिर से हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में कुशवाह समाज ने बड़ा निर्णय लिया है। तीनों आरोपी कुशवाह समाज के हैं, जिन्हें समाज ने बहिष्कृत कर दिया है। आरोपियों को कठोर सजा देते हुए समाज ने इन आरोपियों और उनके परिवारों से हर तरह का रिश्ता और संपर्क खत्म कर दिया है। कुशवाह समाज का ये निर्णय जिलेभर में चर्चा बना हुआ है। यहां पढ़ें खौफनाक हादसे का पूरा सच मामला 26 सितंबर की शाम को नईसराय थाना क्षेत्र के एक गांव का है। जहां पर पड़ोसी गांव किरोंदा के भगवत पुत्र परमानंद कुशवाह, अजय उर्फ संजू पुत्र दमोदर कुशवाह और जगदीश उर्फ चऊआ पुत्र मुन्नालाल कुशवाह ने 10 वर्ष की नाबालिग को रास...