Skip to main content

जनता को चहुंओर निचोड़कर बर्बाद कर देना चाहता है मोदी सरकार ------- जुगुल राठौर।

जनता को चहुंओर निचोड़कर बर्बाद कर देना चाहता है मोदी सरकार ------- जुगुल राठौर।
जैतहरी ,दिनांक 28 सितंबर को महाराष्ट्र के सोलापुर से इटारसी तक का कर्नाटक एक्सप्रेस से सफ़र करने का अवसर प्राप्त हुआ।
सफ़र से अहसास हुआ कि सरकार के सामने मानव जीवन का कोई कद्र नहीं है। यात्रियों का हालत देख कर कोई भी व्यक्ति अंदाजा लगा सकता था कि इस देश में कायदे कानून नाम का कोई चीज नहीं बचा है। तभी तो आरक्षित भोगी में सीट को छोड़कर सैकड़ों के तादाद में बच्चे, महिला, बुजुर्ग नीचे बैठकर यात्रा करने को मजबूर हैं। जिस अव्यवस्था से मुझे भी सफ़र करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

यात्रियों से जानकारी लेने पर ज्ञात हुआ कि विगत एक माह से अधिक दिनों से आरक्षण का टिकिट लिए यात्री ट्रेन के डिब्बे के नीचे सतह पर लेट कर यात्रा कर रहा है । उसका आरक्षित सीट कन्फर्म नहीं हुआ और वह अपने परिवार सहित डिब्बे के निचले सतह चादर डालकर लेटे सफ़र कर रहा है।

उक्त जानकारी संयुक्त ठेकेदारी मजदूर यूनियन सीटू के अध्यक्ष जुगुल किशोर राठौर ने देते हुए बताया कि मोदी सरकार जनता को सुविधा देने के बजाय जनता से ज़्यादा से ज़्यादा लाभ कमाने के सोच के कारण जनता बदहाली ज़िन्दगी जीने को मजबूर हैं। जिस सवारी गाड़ी में 14 डिब्बा स्लीपर कोच हुआ करता था उसे कटौती कर मोदी सरकार ने 7 डिब्बा कर दिया और वातानुकूलित भोगी 7 से बढ़ाकर 14 कर दिया गया। मोदी सरकार धनवानों के लिए सुविधा बढ़ा रही है वहीं मध्यम वर्गीय परिवार एवं गरीब परिवार के सुविधा में कटौती कर उसे मुसीबत में डालकर बर्बाद करने मे उतारूं है। सरकार का यह नीतियां आमजन बिरोधी है । इस सरकार को उखाड़ फेंकना अब पहली जरूरत बन गई है। अब यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार मतलब जनता को तवाही एवं मुसीबत में ढकेलने वाली सरकार है।

Comments

Popular posts from this blog

जनता की होगी पुलिस, सत्ता की नहीं, MP Police के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के 7 क्रांतिकारी निर्देश

  जनता की होगी पुलिस, सत्ता की नहीं MP Police के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के 7 क्रांतिकारी निर्देश Supreme Court on MP Police: मध्य प्रदेश पुलिस के खिलाफ मिली शिकायतों की स्वतंत्र समीक्षा के लिए शिकायत बोर्ड का करना होगा गठन करने के आदेश... दिए 7 क्रांतिकारी निर्देश Supreme Court on MP Police Complaint Board: राज्य में पुलिस शिकायत बोर्ड का गठन वर्षों से लंबित है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार समिति हर जिले में बनना अनिवार्य है। बोर्ड की अध्यक्षता प्रभारी मंत्री होंगे। उद्देश्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मिली शिकायतों की स्वतंत्र समीक्षा करना है। अब डीजीपी ने हाल ही में आदेश जारी कर जिलों में समिति को तत्काल गठित करने के निर्देश दिए हैं। कई जिलों के अधिकारी प्रक्रिया को टालते रहे। अब प्रत्येक शिकायत, जांच और अधिकारी के कदाचार की समीक्षा बोर्ड के जरिए हो सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है, यह कदम पुलिस जवाबदेही और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा सुधार साबित होगा। बशर्ते समिति सक्रिय रूप से काम करे। जनता की होगी पुलिस, सत्ता की नहीं प्रकाश सिंह बनाम भारत संघ (2006) के मामले में सुप्...

कटनी में पगला कहने पर ऐसा विवाद बढ़ा कि चार लोगों ने मिलकर एक युवक के घर में बम फेंक दिया

 ‘पगला’ कहने पर बढ़ा विवाद तो चार युवकों ने घर के बाहर बम फेंका, इलाके में फैली दहशत MP News: मध्यप्रदेश के कटनी में पगला कहने पर ऐसा विवाद बढ़ा कि चार लोगों ने मिलकर एक युवक के घर में बम फेंक दिया। MP News: मध्यप्रदेश के कटनी शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के गायत्री नगर में उस वक्त हड़कंप मच गया। जब चार युवकों ने घर के बाहल बम फेंक दिया गया। घटना के स्थानीय लोग दहशत में आ गए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। दरअसल, गायत्री नगर स्थित सोनी का बगीचा का मामला है। यहां पर मोहन जायसवाल के घर के बाहर राज बेन, राहुल बेन, प्रशांत बेन और विशाल बेन नामक चार युवक पहुंचे। बताया जाता है कि विवाद की शुरुआत मोहन जायसवाल को ‘पगला’ कहने को लेकर हुई। इसी बात पर कहासुनी बढ़ी और विवाद ने उग्र रूप ले लिया। इसके बाद चारों युवकों ने घर के बाहर बम फेंककर दहशत फैलाते हुए मोहन जायसवाल को जान से मारने की धमकी दी। मोहल्ले में दहशत का माहौल बम फेंकने की जानकारी मिलते ही मोहल्ले में अफरा-तफरी का मच गई। लोग घरों से बाहर निकाल आए और पुलिस को तुरंत सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मोहन जायसवाल की श...

10 साल की मूक-बधिर मासूम बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म का रौंगटे खड़े कर देने वाला मामला

10 साल की मासूम का गैंग रेप, मूक-बधिर को सड़क से उठा ले गए थे दरिंदे Minor Gang Rape MP: एमपी के अशोकनगर जिले में 10 साल की मूक-बधिर मासूम बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म का रौंगटे खड़े कर देने वाला मामला, कुशवाह समाज ने आरोपियों का समाज से किया बहिष्कार, दिल दहला देने वाले इस मामले में दिव्यांगों ने कलेक्टर को सौंपा सीएम के नाम का ज्ञापन, फांसी की मांग पर अड़े Minor Gang Rape MP: दो दिन पहले 10 वर्षीय नाबालिग मूक-बधिर से हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में कुशवाह समाज ने बड़ा निर्णय लिया है। तीनों आरोपी कुशवाह समाज के हैं, जिन्हें समाज ने बहिष्कृत कर दिया है। आरोपियों को कठोर सजा देते हुए समाज ने इन आरोपियों और उनके परिवारों से हर तरह का रिश्ता और संपर्क खत्म कर दिया है। कुशवाह समाज का ये निर्णय जिलेभर में चर्चा बना हुआ है। यहां पढ़ें खौफनाक हादसे का पूरा सच मामला 26 सितंबर की शाम को नईसराय थाना क्षेत्र के एक गांव का है। जहां पर पड़ोसी गांव किरोंदा के भगवत पुत्र परमानंद कुशवाह, अजय उर्फ संजू पुत्र दमोदर कुशवाह और जगदीश उर्फ चऊआ पुत्र मुन्नालाल कुशवाह ने 10 वर्ष की नाबालिग को रास...