न बैठने की व्यवस्था, न ही बेहतर विद्यालय,मामा के विकास यात्रा पर शा. हाई.स्कूल बाड़ीखार मे लगा ग्रहण
न बैठने की व्यवस्था, न ही बेहतर विद्यालय,मामा के विकास यात्रा पर शा. हाई.स्कूल बाड़ीखार मे लगा ग्रहण
अनूपपुर.जीवन कौशल उमंग शिक्षा के संबंध में कक्षा नौवीं और दसवीं के छात्र छात्राओं को मौखिक एवं लिखित रूप से समझाते हुए शिक्षक।
प्रभारी प्राचार्य सागर सिंह एवं शिक्षक तथा अतिथि शिक्षकों के के द्वारा बच्चों को उत्तम शिक्षा मिल सके इस प्रयास दी जा रही है शिक्षा बच्चों की बैठने की व्यवस्था ना होते हुए भी बच्चों के शिक्षा में किसी प्रकार की कमी ना हो बच्चे पढ़ाई के मामले में पीछे ना रह जाए अतिरिक्त क्लास लगा कर के कड़ी मेहनत से पढ़ाया जा रहा है,
प्रभारी प्राचार्य सागर सिंह के द्वारा बताया गया कि हमारे यहां विद्यालय में किसी प्रकार से बच्चों के बैठने के लिए भवन नहीं है जिसमें बैठकर बच्चे अपनी पढ़ाई कर सकें।
कई बार हमने अपने उच्च अधिकारियों को अवगत भी कराया मौखिक एवं लिखित रूप से भी आवेदन किया पर आज दिनांक तक अतिरिक्त भवन विद्यालय के लिए शिवकृत नहीं किया गया जिन भवनों में हमने क्लास संचालित कर रहे हैं वह जर्जर स्थिति में है छतों से पानी भी टपक रहा है दीवारों में दरार फटे हुए हैं कभी भी कोई घटना घटित हो सकता है विद्यालय भवन होने के बावजूद भी सरकार के द्वारा नौवीं और दसवीं क्लास खुलवा दिया गया वहां बच्चों को पढ़ाने के लिए विषय संबंधित शिक्षक भी नहीं हैं। ना ही कोई चपरासी हैं फिर भी विद्यालय अच्छे से चले बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त हो इस उद्देश्य से अतिथि शिक्षकों के द्वारा विद्यालय संचालित करा रहे हैं जहां भवन वा बैठने की व्यवस्था ना होते हुए भी खंडहर में विद्यालय चल रहे हैं।
अभी हाल में ही कक्षा आठवीं की छात्रा को सबसे विषैले सर्फ डंडा करायल काट दिया था जिसे तुरंत छेत्री हॉस्पिटल कोतमा में एडमिट कराया गया समय पर हॉस्पिटल पहुंच जाने से कक्षा आठवीं की छात्रा की जान बच सकी।पर आज दिनांक तक जिले के आला अधिकारी मौत के मुख से जीतकर की आई हुई उस छात्रा के हाल- तक जानना मुनासिब नहीं समझा,
बच्चों की बैठने की व्यवस्था भी है ,सुन्न
जहां सरकार के द्वारा छठवीं से आठवीं तक संचालित विद्यालय हैं उसी को 2017 में मुख्यमंत्री के द्वारा घोषणा किया गया जहां आठवीं तक विद्यालय हैं वहां नवमी और दशमी कर दिया जाएगा, व्यवस्था तो कर दिया गया पर माध्यमिक स्कूल बाड़ीखार भवन के साथ-साथ फर्नीचर तक की बैठने की व्यवस्था नहीं है जो अपने आप में प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है जहां सरकार विकास रूपी यात्रा निकाली हुई है विकास रूपी गंगा में माध्यमिक हाईस्कूल बाड़ीखार अछूता रहा है विकास यात्रा केवल चुनावी धृष्टता को प्रदर्शित करते हुए सरकार विकास यात्रा निकाली हुई है जो कोरे कागज में ही सिमट कर रह गई है।
ग्रामीण छात्रों के अभिभावक जनों के द्वारा भी लिखित रूप से मंत्री तथा सांसद एवं विधायकों को भवन के लिए पत्र लिखा पर नेताओं को ग्रामीण जनों की बात कान में जूं रेंगने जैसा लग रहा है चुनावी बेला में आकर के बड़े-बड़े वादे करते नेता,
5 साल मे अपने क्षेत्र के किए गए विकासों का झूठी रिपोर्ट सांसद व विधायक कैसे करेंगे पेश।
चुनाव के पहले क्षेत्र के जनता जनार्दन को अपने झूठी वादों पर मनाने के लिए सांसद व विधायकों के द्वारा फिर झूठी आश्वासन दिया जाएगा क्या जनता इनके झूठीं अश्वासन पर विश्वास करेगी चुनाव में जीतने के बाद 5 सालों मे कोई विकास नहीं किया क्षेत्र का आज तक सांसद व विधायक अपने वायदों को पूर्ण करने में असमर्थ रहे। जिससे जनता चुनाव में वोट न देने के लिए अब बना लिए हैं अपना मन।
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