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जनता की मांग और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बने नगर परिषद भवन। - पार्षद सौरभ कोरी,

जनता की मांग और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बने नगर परिषद भवन। - पार्षद सौरभ कोरी, 

बसी आबादी जन सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए पार्षदों ने सर्व सहमति से नवीन नगर परिषद भवन निर्माण कार्य पर लगाई अपनी मोहर।

अनूपपुर।बरगवां अमलाई नगर परिषद नवीन कार्यालय भवन का निर्माण जनता की सुविधा और उनकी व्यवस्थाओं के आधार पर निर्माण कार्य यथोचित स्थान या फिर इस बात पर विचार करते हुए बनाया जाए चाहे वह विषम परिस्थितियां व भौगोलिक स्थिति के साथ व्यापारिक दृष्टिकोण आवागमन एवं दूरदराज होने की वजह सभी कारणों को दृष्टिगत रखते हुए जनता की मांग और सुविधाओं को मद्देनजर रखते हुए इस बात पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है कि पूर्व में संचालित पंचायत कार्यालय चाहे वह बरगवां हो या फिर देवहरा विचार करने वाली बात यह है कि यह दोनों ग्राम विशेष बैगा जनजाति एवं आदिवासी बाहुल्य ग्राम होने के कारण गरीब परिवारों को अन्यत्र कहीं भी नगर परिषद परिषद नवीन भवन कार्यालय का निर्माण कार्य करने से पहले इन्हें होने वाली समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए पूर्व संचालित कार्यालय पर ही नवीन भवन कार्यालय का संचालन होना अत्यंत आवश्यक है कारण यह है कि 6,7,8 और 9 वार्ड अमलाई कॉलरी एसईसीएल के भवनों में अवैध कब्जा कर रहने वालों की संख्या कम है और उनकी मांग है की नगर परिषद का नवीन भवन वार्ड क्रमांक 5 के मध्यप्रदेश शासन की रिक्त भूमि 7 एकड़ 10 डिसमिल पर कराया जाए किंतु क्या इनकी यह मांग ना तो किसी भौगोलिक परिस्थिति को दर्शाता है और ना ही इसके निर्माण से व्यवसायिक दृष्टिकोण में बढ़त हो सकती है यह जरूर है कि यह स्थान मुक्तिधाम से लगा हुआ है जिस पर मध्यप्रदेश शासन की अधिकाधिक भूमि अवैध कब्जा कर मुख्य मार्ग पर दुकान भवन बनाकर बाउंड्री वाल करते हुए एक व्यक्ति विशेष के द्वारा पूर्ण रूप से आधे से अधिक भूमि पर कब्जा किया गया है यह बात शासन-प्रशासन नगर परिषद के पार्षद अध्यक्ष उपाध्यक्ष एवं संभ्रांत नागरिकों की जानकारी में होते हुए भी अवैध रूप से कब्जा किए हुए भूमि को सर्वप्रथम रिक्त कराया जाए दूसरा कारण देवहरा, संजय नगर, सकोला ग्राम मे भी सर्वाधिक संख्या विशेष बैगा जनजाति एवं आदिवासी समुदाय के लोगों की है जिनके लिए उप कार्यालय का चयन जोकि नगर परिषद के कुछ पार्षदों के द्वारा प्रस्तावित की गई और कुछ पार्षदों ने अपनी सहमति भी दी जोकि किसी हद तक न्याय उचित निर्णय है जिसका कारण वहां पर बसी आबादी को नवीन भवन की यात्रा पूर्ववत करनी पड़ेगी क्योंकि वर्तमान में नगर परिषद कार्यालय की दूरी 9 से 10 किलोमीटर लगभग पड़ती है साधन के अभाव में पैदल चलकर अपने किसी शासकीय कार्य या अन्य कार्यों के लिए उन्हें पूरे दिन का सफर करना पड़ सकता है इस प्रकार होने वाली ऐसी समस्या को दृष्टिगत रखते हुए सघन रूप से बसी आवादी में जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए देवहरा में उप कार्यालय का होना अत्यंत आवश्यक जिससे वहां की जनता को इतनी लंबी यात्रा ना करना पड़े तीसरा कारण वर्तमान नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 1,2,3,4 मैं भी सर्वाधिक आबादी जनसंख्या आदिवासी समुदाय की है जिन्हें अपने कार्य को लेकर अगर नवीन नगर परिषद कार्यालय भवन का निर्माण वार्ड क्रमांक 5 में कराया जाएगा तो उन्हें भी चार-पांच किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ेगी इस प्रकार इन बिंदुओं को दृष्टिगत रखते हुए नगर परिषद के अध्यक्ष उपाध्यक्ष सहित उनके सहयोगी पार्षदों की उपस्थिति पूर्ण बहुमत से परिषद कार्यालय में बसी आबादी जनमानस विशेष बैगा जनजाति एवं आदिवासी जनसमुदाय की सुविधाओं को दृष्टिगत रखते हुए पूर्व संचालित ग्राम पंचायत कार्यालय में ही नगर परिषद के नवीन भवन कार्यालय का निर्माण करने को लेकर सर्व सहमति से निर्णय प्रस्ताव पारित किया गया है।
किंतु कुछ तथाकथित जनविरोधी अपनी सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए सोशल मीडिया साइट पर अनाप-शनाप दुष्प्रचार के साथ परिषद के पार्षदों के ऊपर व्हाट्सएप फेसबुक सोशल मीडिया पर अवैधानिक एवं न्याय असंगत टीका टिप्पणी करने में लगे उन्हें भोले भाले सीधे-साधे नगर परिषद में निवासरत गरीब आदिवासी जनसमुदाय की सुविधाओं को नजरअंदाज करते हुए बेबुनियाद विषय पर विवादास्पद प्रतिक्रिया किया जा रहा है जो की न्याय संगत नहीं है इस प्रकार सभी जन समुदाय की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पूर्व संचालित कार्यालय पर ही नगर परिषद के नवीन भवन का निर्माण कार्य किया जाना न्याय संगत होगा।

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