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IGNTU के प्रोफेसर पर धर्मांतरण के आरोप, कुलपति की खुली चुनौती: बाल आयोग से कहा- हिम्मत है तो नाम बताइए, हम कार्रवाई करवाएंगे

IGNTU के प्रोफेसर पर धर्मांतरण के आरोप, कुलपति की खुली चुनौती: बाल आयोग से कहा- हिम्मत है तो नाम बताइए, हम कार्रवाई करवाएंगे
पुष्पराजगढ़। मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक के प्रोफेसरों पर बीते दिनों धर्मांतरण कराने के आरोप लगे थे. अब कुलपति प्रकाश मणि त्रिपाठी ने धर्मांतरण के आरोपों को चुनौती दी है. उन्होंने कहा कि यदि बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष के पास कोई साक्ष्य है तो उसे विश्वविद्यालय के सामने रखें. हम जांच करेंगे और पुलिस को बताकर कार्रवाई करेंगे. यह बात कुलपति प्रकाश मणि त्रिपाठी ने पत्रकार वार्ता में कही.

हिम्मत है तो नाम तो बताइए

इस पूरे मामले पर बाल आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष को चैलेंज करते हुए विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रकाश मणि त्रिपाठी ने कहा कि पहले भी लड़के के द्वारा धर्मांतरण आरोप लगाए गए थे. उसकी जांच हुई उसमें कितनी सत्यता है. यह सब आपके सामने है. धर्मांतरण कौन कराता है एक विशेष समुदाय. आरोप किस पर लग रहे हैं. प्रोफेसर पर जो आरोप लगे हैं, उस पर आप हिम्मत तो करिए, नाम तो बताइए. विश्वविद्यालय धर्मांतरण नहीं करता.

प्रमाण के साथ लगे आरोप

प्रोफेसर पर आक्षेप हैं, तो नाम बताइए, जो आरोप लग रहे हैं, नाम के साथ हों. उन्होंने कहा कि जो आरोप लगे प्रमाण के साथ लगे. विश्वविद्यालय को इसकी जानकारी होनी चाहिए. जानकारी होगी तो अवश्य ही विश्वविद्यालय जांच कर कार्रवाई करेगा. विश्वविद्यालय धर्मांतरण नहीं कराता, आरोप प्रोफेसर पर हैं. बहुत महत्वपूर्ण व्यक्ति की सूचना हैं, वह स्वयं इसकी जांच कर कार्रवाई करें.

बाल आयोग ने प्रोफेसरों पर लगाए थे आरोप

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो हाल ही में जिले के अमरकंटक पहुंचे थे. यहां उन्होंने पुष्पराजगढ़ विकासखंड के अमरकंटक के सर्किट हाउस सभागार में बाल संरक्षण की बेंच शिविर लगाकर बाल अधिकारों के हनन व संरक्षण के संबंध में शिकायत की सुनवाई की थी. उसी बीच राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष ने मीडिया से बात करते हुए विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों पर गंभीर आरोप लगाया.

धर्मांतरण से जुड़ी शिकायत मिली- प्रियंक कानूनगो

प्रियंक कानूनगो ने कहा था कि हमें नाम न बताने की शर्त पर यह बताया गया कि स्थानीय भ्रमण के दौरान कुछ लोगों ने धर्मांतरण से जुड़ी हुई शिकायत की हैं. जो जांच का विषय है. उन्होंने कहा कि अमरकंटक से (पेंड्रा) छत्तीसगढ़ ले जाकर धर्मांतरण कराया जाता है. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों की इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त होना जो बच्चों को उनके पहचान के अधिकार से विमुक्त करती है. हम सब इन बातों का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करेंगे.

बता दें कि दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन गुरुवार से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक में होगा. युवा 20 परामर्श युवा मामले और खेल मंत्रालय के इस कार्यक्रम का विषय जलवायु परिवर्तन आपदा जोखिम में कमी, स्थिरता जीवन का एक तरीका है. इस बात की जानकारी देने के लिए पीआईबी के निदेशक एसके तिवारी और विश्वविद्यालय के कुलपति प्रकाश मणि त्रिपाठी ने बुधवार को विश्वविद्यालय में पत्रकार वार्ता की.

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