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पंडित नेहरू बच्चों को बहुत प्यार करते थे इसीलिए बच्चे इनको चाचा नेहरू कहकर पुकारते थे-प्रेम कुमार त्रिपाठी

पंडित नेहरू बच्चों को बहुत प्यार करते थे इसीलिए बच्चे इनको चाचा नेहरू कहकर पुकारते थे-प्रेम कुमार त्रिपाठी
अनूपपुर (ब्यूरो)पण्डित जवाहर लाल नेहरू स्वतन्त्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री और स्वतंत्रता सेनानी थे।पंडित नेहरू बच्चों को बहुत प्यार करते थे इसीलिए बच्चे इनको चाचा नेहरू कहकर पुकारते थे।
            उक्त आशय के सारगर्भित विचार पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष अनूपपुर एवं मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रेम कुमार त्रिपाठी ने उनकी पुण्यतिथि पर उपस्थित कांग्रेस जनों को संबोधित करते हुए कहीं।उन्होंने कहा कि 27 मई 1964 को इनकी मृत्यु दिल का दौरा पड़ने से हो गयी,ये मृत्युपर्यन्त प्रधानमंत्री रहे।इनका जन्म दिवस प्रतिवर्ष 14 नवंबर को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।उनका जन्म 14 नवंबर 1889 को हुआ था।
           ये अपने राजनीतिक जीवन में कुल 9 बार जेल गए। 1916 में होमरूल लीग की स्थापना के अगले वर्ष 1917 में ही नेहरू लीग में शामिल हो गए और 1919 ई. में वह गाँधी जी के संपर्क में आये और यहीं से इनको एक राजनीतिक मार्गदर्शक मिला। 1920 में इन्होंने गाँधी जी के असहयोग आंदोलन में भी हिस्सा लिया और इसी दौरान ये पहली बार गिरफ्तार किये गए और कुछ महीनो के लिए जेल गए। 1926 से 1928 तक इन्होने अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव के रूप में कार्य किया। 1929 में हुए कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन में इन्हें अध्यक्ष चुना गया और इसी सत्र में देश के लिए पूर्ण स्वराज की मांग की गयी। 26 जनवरी 1930 को नेहरू जी ने लाहौर में भारत का झंडा फहराया और इस दिन को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की यही कारण है कि आजादी के बाद सन 1950 में इसी दिन संविधान को लागू कर गणतंत्र की स्थापना की गयी। इन्हें 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किया गया और बाद में 1945 में रिहा कर दिया गया। 1944 में इन्होंने “भारत एक खोज” नामक प्रसिद्ध पुस्तक लिखी।15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी मिलने के बाद पंडित जवाहर लाल नेहरू को स्वतंत्र भारत का प्रथम प्रधानमंत्री बनाया गया। नेहरू जी 16 साल 9 माह और 13 दिन तक भारत के प्रधानमंत्री रहे जो कि प्रधानमंत्री के तौर अब तक का सबसे लम्बा कार्यकाल है। उस समय देश के आगे सबसे बड़ी चुनौती थी देशी रियासतों को भारत में सम्मलित करना जो की अंग्रेजो की नीतियों के कारण स्वतंत्र हो गयी थी। उस समय देश में कुल 562 रियासतें थी। नेहरू सरकार के विरुद्ध पहली बार अविश्वास प्रस्ताव चीन युद्द के समय लाया गया। 1955 ई. में इन्हे भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
                   पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर प्रमुख रूप से श्रद्धांजलि देने वालों में प्रदेश कांग्रेस सचिव प्रेम कुमार त्रिपाठी,जिलाध्यक्ष कांग्रेस पिछड़ा वर्ग रजन राठौर,वरिष्ठ कांग्रेस नेता आशीष त्रिपाठी, वार्ड क्रमांक 4 के पार्षद दीपक शुक्ला,वार्ड क्रमांक 3 के पार्षद मोहम्मद रियाज अहमद,पूर्व पार्षद रामाधार बैगा वरिष्ठ कांग्रेस नेता तौहीद बाबा खान, एडवोकेट संजीव द्विवेदी,संदीप गर्ग पत्रकार चैतन्य मिश्रा,हिमांशु बियानी के साथ ही काफी संख्या में कांग्रेस जन उपस्थित थे।

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