नूर मोहम्मद "तन्हा"
बदरा जमुना - एक लिखित जानकारी में दीनदयाल साहू ने बताया है कि ग्राम सकोला में जोशी चौधरी से जमीन क्रय किया था मैं जिसका नामांतरण दिनांक 12/09/2022 को हुआ था जिसका आराजी खसरा क्रमांक 1502/1 रकवा 0.0 81 हेक्टेयर तथा 15 03 रकवा 0.22 7 हेक्टेयर है लेकिन आज तक मैं अपनी भूमि पर कब्जा नहीं कर सका उसका कारण यह रहा है कि जोशी चौधरी पिता रघुनंदन चौधरी के खानदान का ही बालकरण चौधरी और उसके परिवार के लोग आए दिन मुझसे विवाद एवं मारपीट करने पर आमादा हो जाते थे और हरिजन एक्ट लगाने की धमकी देते थे झूठे प्रकरणों में फंसाने की धमकी देते हैं जो कि मैं विवाद करना नहीं चाहता हूं मैंने कार्यपालिक दंडाधिकारी से अपील किया था वहां से मुझे न्याय तो मिला और अधिकारी द्वारा थाना भालूमाडा को आदेश क्रमांक 120 के तहत या निर्देशित किया गया कि आवेदक को बलपूर्वक जमीन पर कब्जा दिलाया जावे। लेकिन थाना भालूमाडा द्वारा आज तक किसी भी प्रकार से कोई कार्यवाही अराजक तत्वों के खिलाफ नहीं किया गया। बल्कि हर बार आवेदक से ही खर्चा पानी लेकर उसी को नसीहत देकर चले जाते थे । पुलिस की निष्क्रियता के कारण पीड़ित पक्ष काफी परेशान है क्योंकि पीड़ित पक्ष किसी भी प्रकार का लड़ाई झगड़ा एवं विवाद नहीं करना चाहता है पीड़ित को न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है, लेकिन जो अराजक तत्व हैं वे रुपए के बल पर अन्याय पर अन्याय कर रहे हैं पीड़ित पक्ष थाना भालूमाडा में एक बार f.i.r. कर चुका है एवं तीन बार अपने प्रति हो रहे गाली गलौज एवं अन्याय के विरुद्ध आवेदन दे चुका है लेकिन आज तक अराजक तत्वों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई है
पीड़ित पक्ष जब भी अपने खेत पर जाता है उसके साथ मारपीट की जाती है इतना ही नहीं आवेदक पिछले वर्ष अपने खेत में धान का रोपण भी किया था फसल होने के बाद उसे काटकर खेत में रखा था तभी बालकरण पिता रूदन चौधरी का पूरा परिवार ट्रैक्टर ट्राली लाकर पूरा का पूरा ध्यान अपने घर उठवा कर ले आया था जिसकी रिपोर्ट भी आवेदक द्वारा थाना भालूमाडा में किया गया था लेकिन थाना भालूमाडा द्वारा आज तक उस व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई है जिससे पीड़ित पक्ष काफी आत्मग्लानि महसूस कर रहा है और अराजक तत्वों का हौसला बढ़ रहा है और वे बगैर डर और भय के निरंतर पीड़ित के साथ जुल्म और सितम कर रहे हैं अब तो ऐसा लगने लगा है कि न्याय एवं प्रशासन है ही नहीं, विगत दिनों पीड़ित द्वारा कलेक्टर साहब को भी जनसुनवाई में आवेदन दिया था जिसका भी कोई खास परिणाम अभी तक नहीं मिला आवेदक का कहना है कि अगर मुझे न्याय नहीं मिलता है तो मैं कलेक्ट्रेट के सामने पूरे परिवार के साथ भूख हड़ताल पर बैठ जाऊंगा अगर इस पर भी मेरी कोई सुनवाई नहीं होती है तो हम पूरा परिवार आत्मदाह के लिए बाध्य हो जाएंगे क्योंकि उस खेत के अलावा हमारे पास जीविका का कोई साधन नहीं है भूखे मरने से तो अच्छा है कि हम स्वेच्छा से अपने प्राण त्याग दें
न्याय प्रिय जिला पुलिस अधीक्षक एवं मानवीय संवेदना ओं जन कल्याणकारी जन जन के पालक कलेक्टर महोदय से आवेदक का निवेदन है कि मुझे शीघ्र न्याय दिलाया जावे जिससे मैं अपने परिवार का भरण पोषण अपने जमीन से कर सकूं
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