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साफ सफाई के नाम पर लाखों रुपए के वारे न्यारे :-

नूर मोहम्मद "तन्हा" 
-: साफ सफाई के नाम पर लाखों रुपए के वारे न्यारे :- 
बदरा जमुना - एक जानकारी में पता चला है कि ग्राम पंचायत बदरा में साफ सफाई के नाम पर प्रतिवर्ष 15 से 20 हज़ार रुपए निकाले जाते हैं लेकिन किसी भी वार्ड में साफ-सफाई नजर नहीं आती है यह किस तरह की साफ-सफाई है कहीं यह सफाई दीपावली की सफाई की तरह पंचायत के खाते की भी सफाई कर दी जाती हो । क्योंकि यहां पर कुछ भी असंभव नहीं है ग्राम पंचायत बदरा की पुरानी दफाई बीमा ग्राम एवं ग्राम कुशियारा के हर गली हर मोहल्ले में कचरा का अंबार लगा हुआ है , कहने को तो यहां पर कचरा गाड़ी भी है , लेकिन आज लगभग 1 वर्ष से उसका कहीं भी पता नहीं चल रहा है , लाखों रुपए की गाड़ी का आज कोई अता पता नहीं है , एक जानकारी में यह भी पता चला है , कि अभी हाल ही में वार्ड क्रमांक 1 एवं 2 में तथा 18 में नाली की सफाई करवाई गई है , अब इसका कितना खर्च आता है , अभी इसकी जानकारी नहीं हो पाई है । लेकिन साफ सफाई के लिए कितना बजट निर्धारित है , या फिर इसका प्रस्ताव भी पारित हुआ है , या नहीं यह जानकारी नहीं है , ग्राम पंचायत बदरा के एक पंच से जब यह पूछा गया कि साफ-सफाई के बारे में प्रस्ताव ग्राम सभा या पंचों की मासिक बैठक में निर्णय लिया जाता है , या फिर मनमानी तरीके से सरपंच सचिव कार्य करते हैं , पंच द्वारा यह बताया गया है , कि लगभग 8 माह से पंचों की कोई बैठक नहीं हुई है , और और ना ही कोई इस संबंध में प्रस्ताव पास ही किया गया है , सारा काम मनमाने तरीके से किया जाता है , एक जानकारी में यह भी पता चला है , कि नाली के सफाई का टेंडर नहीं होता है , और ना ही राशि निर्धारण ही किया जाता है । यह जरूर है जब रुपए की कमी हो तो किसी भी वार्ड में थोड़ा बहुत कार्य करवा कर राशि निकाल ली जाए , कुछ दिन का जेब खर्च चल जाता है। साफ-सफाई तो एक बहाना है , जेब खर्च चलाना है , और सही भी है , प्रतिदिन पेट्रोल खर्च चाय नाश्ता गुटखा पान यह खर्च कहां से मेंटेन हो , काम पंचायत का कर रहे हैं , तो घर का क्यों खाएं ? 
           साफ सफाई के नाम पर जिस तरह की लूट मची है , वह किसी का निजी रुपये नहीं है , वह ग्राम पंचायत बदरा की एक-एक नागरिक एक-एक मतदाता का पैसा है , जो उनके विकास के लिए एवं उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए शासन देती है , आप इस रुपए के सिर्फ रक्षक है , मालिक नहीं , मालिक तो सिर्फ यहां की जनता है। 
         जिला पंचायत सी०ई०ओ० एवं कलेक्टर महोदय से यहां की जनता की विनती है , कि पंचायत की इस भर्रेशाही रवैया पर रोक लगाकर न्यायिक जांच कराने की मेहरबानी करें।
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