नूर मोहम्मद "तन्हा"
बदरा जमुना - एक जानकारी में यह पता चला है कि ग्राम पंचायत बदरा की नर्सरी में लगभग 130 पेड़ नीलगिरी (यूकेलिप्टस) के थे जिन का ठेका बरबसपुर अनूपपुर के राजू दुबे को दिनांक 25/10/2022 को ₹3 लाख , 50 हज़ार में ठेका दिया गया था इन वृक्षों का संरक्षण एवं संवर्धन नर्सरी में लगे मेट एवं मजदूरों द्वारा किया जाता रहा है ग्राम पंचायत के सचिव एवं सरपंच द्वारा शासन से यह कहकर अनुमति ली गई थी कि नर्सरी के विकास (डेवलपमेंट) में कुछ राशि खर्च करेंगे तथा कुछ राशि मजदूरों के मजदूरी भुगतान में खर्च करेंगे लेकिन एक जानकारी में यह पता चला है कि वृक्षों की संपूर्ण विक्रय राशि आज ना तो खाते में है और ना ही किसी भी प्रकार से कोई राशि नर्सरी के विकास में लगा है और ना ही यहां के मजदूरों का मजदूरी भुगतान ही हो सका है
जबकि नर्सरी में लगभग 6 वर्षों में ना पानी की व्यवस्था बन पाई है और ना ही नर्सरी की रूंधाई हो सकी है , मेट एवं लेबरों के अथक प्रयास और सहयोग से वृक्ष तैयार किए गए हैं , जिनकी मजदूरी लगभग डेढ़ वर्ष से नहीं हो सकी है, यह मजदूरी लगभग ₹4 लाख से ऊपर हो गई है, मजदूरी भुगतान ना होने के कारण सभी मजदूर कार्य पर आना बंद कर दिए हैं, जिसके कारण असामाजिक तत्व एवं जानवर नर्सरी को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
इतना ही नहीं नर्सरी के वृक्षों से जो आमदनी हुई इसके विकास के लिए पौधा रोपण एवं संवर्धन एवं आगामी वर्ष के लिए कोई योजना नहीं बनाई गई है , एक जानकारी में यह भी पता चला है कि कोई सामाजिक कार्यकर्ता नर्सरी के नीलगिरी वृक्षों से हुई आमदनी के बारे में आर०टी०आई० लगाकर पूछा था जिसे आज तक ग्राम पंचायत बदरा द्वारा जानकारी नहीं दी गई है क्योंकि कोई भी जानकारी देना यह उचित नहीं समझते हैं क्योंकि इन्हें ऐसा लगता है, कि ग्राम पंचायत की जो भी आमदनी है, उस पर सिर्फ इनका अधिकार है बल्कि इनका सोचना है यह हमारे बाप का है जिसे कोई छीन नहीं सकता और ना ही कोई हमसे हिसाब ले सकता है
जिला पंचायत सी०ई०ओ० एवं कलेक्टर महोदय से यहां के ग्रामीणों का निवेदन है कि उक्त नीलगिरी वृक्ष के विक्रय से आई राशि कहां खर्च हुई या किसे दिया गया इसकी तत्काल जांच कराया जावे।
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