जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का मामला
अनूपपुर। सामाजिक सुरक्षा के लिए जहां राज्य सरकार हर उस आम आदमी के लिए संकल्पित नजर आती हैं जो समाज में कंधे से कंधा मिलाकर चलना चाहता है और उसे समाज में जोड़ने का काम भी सरकार करती नजर आ रही हैं लेकिन ठीक इसके विपरीत आज आयोजित हुई कार्यशाला में स्कूल और कॉलेज की बच्चियों को पढ़ाई की जगह कौशल के नाम पर सफाईगिरी करने खाना बनाने होटलों में काम करने के साथ अपनी आत्मरक्षा करने की बात मध्य प्रदेश के टूरिज्म विभाग व इंडियन ग्रामीण पर्यटन के द्वारा आयोजित की गई कार्यशाला में देखने को मिली। मगर हैरानी इस बात की भी है जो बच्चे अपनी पढाई पूरी नहीं कर सकें है। उनके निगरानी में बैठा विभाग के कार्यों पर भी सवाल खड़े हो रहे है। कि आखिर कमी रह कहा गई जिसके चलते बच्चों ने शिक्षा से दूर हो गए। मगर विभाग के अधिकारियों ने उन्हें मुख्य धारा से जोड़ने की जगह अलग थलग छोड़ दिया।
सरकार की मंशा पर भी यह एनजीओ अब शिक्षा के नाम पर लोगों को वह ठगते नजर आ रहे हैं इसकी बानगी आज आयोजित हुई कार्यशाला में जरूर देखने को मिली जहां पर स्कूल व कॉलेज लड़कियों को पढ़ाई के जगह कौशल विकास करने की बात कही गई। इस कौशल विकास की आड़ में अब यहां की बच्चियों को होटल में काम करने, खाना बनाने, सफाई करने टूरिस्ट गाइड बनाने समेत वाहनों को चलाने के गुर सिखाने की बात आज जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला में देखने को मिली जहां पर महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना के नाम पर गोलमाल देखने को जरूर मिला।
पर्यटन स्थल में महिलाओं को टूरिज्म के माध्यम से जोड़ने और उन्हें उस से स्वरोजगार उत्पन्न करने के लिए अब मध्य प्रदेश टूरिज्म विभाग अपनी तैयारी कर रहा है ताकि महिला पर्यटक की संख्या में बढ़ोतरी की जा सके। इसी उम्मीद के साथ महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन स्थल के नाम से मध्यप्रदेश की पहचान भी कराए जाने की तैयारी टूरिज्म विभाग कर रहा है जिसके लिए बकायदा लड़कियों और महिलाओं को कौशल प्रदान कर उन्हें इससे जुड़ कर स्वरोजगार व रोजगार पैदा करने के लिए तैयार करने का काम किया जा रहा है।
पर्यटन स्थलों में महिला पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी के लिए उनके हितों को ध्यान में रखते हुए एक अनुकूल माहौल बनाने का काम पर्यटन विभाग इन दिनों करता नजर आ रहा है इसी कार्यक्रम में अनूपपुर जिले के सोन सभागार में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जहां पर महिला पर्यटन को ध्यान में रखते हुए कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला के माध्यम से राज्य के 20 संकुलो के अंतर्गत 50 पर्यटन स्थलों का चयन किया जा चुका है जिसमें शहडोल संकुल अंतर्गत अनूपपुर जिले के अमरकंटक को भी चयनित किया गया है इस चयन के आधार पर यहां पर महिला गाइड को ट्रेनिंग के माध्यम से तैयार कर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने का काम संस्थाओं के द्वारा किया जाएगा जिसके लिए उन्हें ट्रेनिंग दी जा रही है। हालांकि इसके माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बिक्री करने में काफी मदद जरूर मिलेगी लेकिन भविष्य की घर में आज पर्यटन के माध्यम से रखी जा रही नींव कितनी मजबूत होगी यह सोचने वाली बात है।
आयोजित हुई इस कार्यशाला में घरेलू व विदेशी पर्यटकों के अनुभव को सुखद और शुगम बनाने के लिए पर्यटन विभाग संकल्पित नजर आ रहा है इसी उम्मीद के साथ पर्यटन विभाग के द्वारा वर्ष 2017 में मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड की स्थापना की गई जो अलग-अलग साझेदारों के साथ परस्पर भागीदार के माध्यम से उद्देश्य की प्राप्ति की ओर आगे बढ़ रहा है।
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