आजादी के बाद भी सिंगरौली का यह गांव विकास से कोसों दूर, सड़क के लिए तरसते ग्रामीण
सिंगरौली:
मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में
आजादी के बाद भी एक गांव ऐसा भी जहां सड़क तक नहीं है मध्यप्रदेश की सरकार अपने आप को प्रदेश की जनता का सेवक मान बड़े बड़े वादे कर सत्ता में काबिज है लेकिन प्रदेश के मुखिया मामा शिवराज के हर दावे खोखले साबित हो रहे हैं हम ऐसा नहीं कह रहे हैं इस गांव के लोगों की दुर्दशा कह रही है कि गांव में सड़क न होने से मामा के भांजे भांजियों को स्कूल आने जाने मे भी जूता हाथ मे,बस्ता सर पर रखकर पढ़ने के लिए जाना पड़ता है
बारिश के मौसम में लोगों का आना जाना मुख्य रोड से 3- 4 किलोमीटर तक सड़क और कोई पुलिया तक नहीं है।
हम बात कर रहे हैं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ व उत्तरप्रदेश के सीमा से सटे पउआ बार्डर ग्राम पंचायत गोभा ग्राम आम डिहटोला की जहां आजतक सड़क ही नहीं है बरसात के मौसम में बच्चों को स्कूल आने जाने में काफी मुसीबत झेलनी पड़ती है तथा ग्रामीण लोगों को अगर अस्पताल जाना पड़ जाये तब तो मरीज अस्पताल के बजाय यही गांव में दम तोड़ देगा। ऐसी अवस्था में भोले-भाले ग्रामीण लोगों की बात कोई सुनना नहीं चाहता सड़क के बिना लोगों का जीना दूभर हो गया है।
ग्रामीणों ने कहा कि ऐसा लगता है गांव में बस कर ही कोई बड़ी गलती हो गई है विकास की बात सिर्फ कागजों में की जाती है कोई भी नेता मंत्री या अफसर ग्रामीणों की समस्या नहीं सुनता पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी का कहना है आप शिकायत वापस ले लीजिए हम रोड निर्माण का कार्य करा देंगे झूठा आश्वासन देकर शिकायत को बंद करना चाहते हैंऔर सरपंच का कहना है की सरकार मेरे फंड में विकास कार्यों के लिए पैसा नहीं देती है इस रोड की समस्या का समाधान कोई करना ही नहीं चाहता है।
कुछ ग्रामीणों ने इस सड़क को लेकर सीएम हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत भी दर्ज कराई थी लेकिन कार्यपालन यंत्री द्वारा दी गई जानकारी अनुसार शिकायत में वर्णित मार्ग लोक निर्माण विभाग अंतर्गत नही है। संबंधित अनुविभागीय अधिकारी द्वारा भी आज दिनांक 25/08/2022 को समय 12ः17 पी.एम. पर चर्चा के दौरान अवगत कराया गया कि किस अन्य विभाग की रोड है यह ज्ञात नही है।
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