Skip to main content

रामनवमी पर जानिए भगवान राम के जन्म से जुड़ी 6 रोचक बातें, जिन्हें कम लोग जानते हैं Ram Navami 2023

रामनवमी पर जानिए भगवान राम के जन्म से जुड़ी 6 रोचक बातें, जिन्हें कम लोग जानते हैं
Ram Navami 2023: आज देशभर में राम नवमी का पर्व मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चैत्र मास की नवमी तिथि को अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जन्म हुआ था। भगवान राम के नाम लेने से भर आत्मा और शरीर पवित्र हो जाता है। हम आपको आज भगवान राम से जुड़ी कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे हैं, जो बहुत ही कम लोगों को पता हैं...
​Ram Navami 2023: चैत्र नवरात्रि के अंतिम दिन रामनवमी मनाई जाती है और आज देशभर में यह उत्सव मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चैत्र मास की नवमी तिथि को भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था। भगवान विष्णु के सातवें अवतार श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है क्योंकि दशरथ नंदन को श्रेष्ठ पुरुषों की संज्ञा दी गई है। भगवान राम ने एक आदर्श चरित्र प्रस्तुत कर समाज को एक सूत्र में बांधा था। आइए रामनवमी के मौके पर भगवान राम से जुड़ी कुछ रोचक बाते जानते हैं, जिनको बेहद ही कम लोग जानते हैं...
इन महान ऋषि ने करवाया था पुत्रेष्टि यज्ञ

ऋषि श्रृंगी बेहद ऋषि बेहद ज्ञानी, सिद्धि और तपस्वी थी। रामायण काल के ऋषि श्रृंगी ने ही राजा दशरथ को संतान प्राप्ति ना होने पर पुत्रेष्टि यज्ञ कराने की सलाह दी थी, जिसके बाद राजा दशरथ ने इस यज्ञ को करवाया था। यज्ञ के बाद ही भगवान राम का जन्म दशरथ के यहां हुआ था। यह आश्रम में बिहार के लखीसराय में बताया जाता है। कुछ मान्यताओं के पास आगरा के पास भी ऋषि श्रृंगी का आश्रम है।

श्रृंगी
भगवान राम के जीजा थे ऋषि श्रृंगी
ऋषि श्रृंगी यज्ञ कार्य में दक्ष और पुरोहित भी थे और इन्होंने अश्वमेध यज्ञ भी करवाया था। ऋषि श्रृंगी भगवान श्रीराम के जीजा भी थे। बहुत कम लोग जानते हैं श्रीराम की एक बड़ी बहन भी थीं, जिनका नाम शांता है। शांता का विवाह महर्षि विभाण्डक के पुत्र ऋषि श्रृंगी से हुआ था। बताया जाता है कि महर्षि विभाण्डक एक नदी में स्नान कर रहे थे, तभी उनका वीर्यपात हो गया और वह हिरणी ने पी लिया, जिसके बाद ऋषि श्रृंगी का जन्म हुआ।

रघुवंशियों के गुरु महर्षि वशिष्ठ ने भगवान राम का नामकरण किया था। गुरु वशिष्ठ ने बताया कि राम दो अग्नि बीज, अमृत बीज और दो बीजाक्षरों से मिलकर बना शब्द है। राम नाम लेने भर से आत्मा पवित्र हो जाएगी और आत्मा, शरीर और दिमाग में शक्ति और सुकून मिलेगा।

नामकरण के बाद अयोध्या में यह बात शुरू हुई कि आखिर राम समेत सभी बच्चों का मुंडन कहां करवाया जाएगा। तब गुरु वशिष्ठ से सलाह मांगी गई। गुरु वशिष्ठ ने ऋषि श्रृंगी के आश्रम में सभी बच्चों का मुंडन करने को कहा। तब दशरथ समेत सभी रानियां और बच्चे ऋंगी ऋषि के आश्रम में पहुंचे। तब राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का मुंडन करवाया गया।

आपको पता है कि जन्म लेने से पहले भगवान विष्णु ने माता कौशल्या को चतुर्भुज रूप के दर्शन करवाए थे। तब माता कौशल्या ने भगवान से प्रार्थना की हे भगवान मैं आपके बाल रूप को देखने के लिए बहुत आतुर हूं फिर माता कौशल्या कहती हैं - ‘कीजै सिसुलीला अति प्रियसीला यह सुख पर अनूपा।’ प्रभु आप चतुर्भुज रूप को त्याग कर सबको सुख देने वाली बाल लीलाएं करें। तब भगवान विष्णु ने राम के रूप में जन्म लिया और लीलाएं की, जिसका वर्णन रामचरित मानस में मिलता है।

भगवान राम के चार भाई इसलिए हुए क्योंकि जब यज्ञ कुंड से अग्नि देव खीर लेकर प्रकट हुए तो कौशल्या और कैकेयी ने अपने-अपने हिस्से के खीर में से थोड़ा थोड़ा सुमित्रा को खिला दिया। इसलिए सुमित्रा के दो पुत्र हुए। इसलिए राजा दशरथ को तीन रानियों से चार पुत्र प्राप्त हुए। कहते हैं इस खीर की कटोरी को एक कौआ लेकर उड़ गया था उसमें लगे कुछ दानों को अंजना ने खा लिया था। इसी से हनुमानजी का भी जन्म हुआ था।

Comments

Popular posts from this blog

जनता की होगी पुलिस, सत्ता की नहीं, MP Police के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के 7 क्रांतिकारी निर्देश

  जनता की होगी पुलिस, सत्ता की नहीं MP Police के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के 7 क्रांतिकारी निर्देश Supreme Court on MP Police: मध्य प्रदेश पुलिस के खिलाफ मिली शिकायतों की स्वतंत्र समीक्षा के लिए शिकायत बोर्ड का करना होगा गठन करने के आदेश... दिए 7 क्रांतिकारी निर्देश Supreme Court on MP Police Complaint Board: राज्य में पुलिस शिकायत बोर्ड का गठन वर्षों से लंबित है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार समिति हर जिले में बनना अनिवार्य है। बोर्ड की अध्यक्षता प्रभारी मंत्री होंगे। उद्देश्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मिली शिकायतों की स्वतंत्र समीक्षा करना है। अब डीजीपी ने हाल ही में आदेश जारी कर जिलों में समिति को तत्काल गठित करने के निर्देश दिए हैं। कई जिलों के अधिकारी प्रक्रिया को टालते रहे। अब प्रत्येक शिकायत, जांच और अधिकारी के कदाचार की समीक्षा बोर्ड के जरिए हो सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है, यह कदम पुलिस जवाबदेही और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा सुधार साबित होगा। बशर्ते समिति सक्रिय रूप से काम करे। जनता की होगी पुलिस, सत्ता की नहीं प्रकाश सिंह बनाम भारत संघ (2006) के मामले में सुप्...

एस ई सी एल जमुना कोतमा क्षेत्र के महाप्रबंधक कार्यालय के अधिकारी द्वारा खुले आम रिश्वत खोरी का वीडियो हुआ वायरल

एस ई सी एल जमुना कोतमा क्षेत्र के महाप्रबंधक कार्यालय के अधिकारी द्वारा खुले आम रिश्वत खोरी का वीडियो हुआ वायरल मामला कॉलरी में नौकरी दिलाने के नाम प्रबंधन मांग रहा 1 लाख रूपये  अनूपपुर। स्वर्गीय प्रीतम सिंह पिता विशंभर सिंह आमाडाड ओ सी पी खुली खदान में मुंशी के पद पर कार्यरत थे सन 2011 में उनकी मृत्यु हो गई थी स्वर्गीय रामप्रीत सिंह का लड़का रोहित सिंह नौकरी के लिए आमाडाड ओसीएम के कार्मिक प्रबंधक राजकुमार बंजारे को 2021 में अपना आवेदन किया था लेकिन राजकुमार बंजारे कार्मिक प्रबंधक आमाडाड ओसीपी के द्वारा रोहित सिंह से एक लाख रुपए मांग कर रहे हैं जिसके कारण आज भी आज भी नौकरी के लिए भटक रहा है जिसका वीडियो आप स्वयं देख सकते हैं इस संबंध में एस सी सी एल के अध्यक्ष सह प्रबंधक एव एसई सीएल कार्मिक प्रबंधक इसमें क्या एक्शन लेते हैं साथ ही महाप्रबंधक जी के सबसे प्रिय राजकुमार बंजारे जी के ऊपर क्या एक्शन लेते हैं चर्चा का विषय की अब क्या होगा। 

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल – महुआ में यूरिया खाद मिलाकर 6 गायों की हत्या, आरोपी गिरफ्तार

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल – महुआ में यूरिया खाद मिलाकर 6 गायों की हत्या, आरोपी गिरफ्तार सिंगरौली। जिले से एक हृदयविदारक मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ कि ग्राम पुरैल (भुर्तियानटोला), थाना सरई, चौकी बरका क्षेत्र में एक व्यक्ति ने यूरिया खाद मिलाकर 6 गायों को महुआ खिलाया, जिससे उनकी मौत हो गई। आरोपी की पहचान मृत गायों को महुआ खिलाने वाला आरोपी भगवान दास साकेत, निवासी ग्राम पुरैल, बताया जा रहा है। पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए उसके खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। 👉 घटना के सामने आते ही ग्रामीणों में गुस्सा फैल गया। लोगों का कहना है कि यह न केवल पशु क्रूरता का मामला है, बल्कि समाज और धार्मिक आस्था को गहरी ठेस पहुंचाने वाली घटना है। पुलिस एवं प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर जांच की। अधिकारियों ने बताया कि मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और दोषी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। 👉 यह घटना सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद प्रकाश में आई। वायरल वीडियो ने प्रशासन को तुरंत...