संयुक्त मोर्चा महिला एवम बाल विकास विभाग आशा ऊषा कार्यकर्ता सहायिका अनिश्चित कालीन अवकास धरना प्रदर्शन का 10 वा दिन
मध्यप्रदेश शासन महिला विकास विभाग द्वारा प्रांरभ की गई लाड़ली बहना योजना के क्रियान्वयन को लेकर जोरशोर से तैयारियां शुरू की गई है इन तैयारियों के बीच महिला बाल विकास विभाग के अंतर्गत आंगनबाडी केन्द्रों के संचालन के जिम्मेदारी संभालने वाली और इसके माध्यम से महिलाओं और बच्चों के लिए विभाग की योजनाओं का जमीन स्तर पर क्रियान्वयन करने वाली आंगनबाडी कार्यकर्ता, मिनी आंगनबाडी कार्यकर्ता तथा आंगनबाडी केन्द्र की सहायिका अपने आठ सूत्रीय मांग को लेकर अनिनिश्चतकालीन हड़ताल का एलान करते हुए बुधवार १५ मार्च से धरने पर बैठ गई है। आंगनबाडी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं के अलावा अपनी मांगों को लेकर महिला बाल विकास विभाग सीडीपीओ और सुपरवाईजर भी अपने मांगों को लेकर काम बंद हड़ताल पर है और इसके चलते महिला बाल विकास विभाग का सिस्टम बुरी तरह से इस समय कोलाप्स हो गया है।
संयुक्त मोर्चा महिला एवम बाल विकास विभाग आशा ऊषा कार्यकर्ता सहायिका अनिश्चित कालीन अवकास धरना प्रदर्शन का 10 वा दिन
अपनी मांगों को लेकर पूरे प्रदेश की आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ताओं का विरोध प्रदर्शन, अनुपपुर जिले में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर लगातार प्रदर्शन जारी है
महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी एवं पर्यवेक्षक तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका विगत कई वर्षों से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्षरत है।
अनुपपुर/ मध्यप्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही सरकार को अपनी विभिन्न मांगे पूरी कराने के लिए विभिन्न संगठनो के द्वारा चरणबद्ध तरीके से आंदोलन और धरने किए जा रहे है, इसी क्रम में अनुपपुर जिले में महिला बाल विकास विभाग के अंतर्गत कार्यरत परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली गई है। गौरतलब है कि महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी एवं पर्यवेक्षक तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका विगत कई वर्षों से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्षरत है। मांगों को लेकर कई बार लिखित ज्ञापन भी दिए गए तथा कई बार धरना प्रदर्शन भी किया गया, लेकिन शासन द्वारा लगातार उपेक्षा कि गई और मांगों का समाधान नही किया गया।
बता दें कि 15 मार्च से लेकर आज 24 मार्च 2023 यानी की आज 10 वा दिन है प्रदेश भर के महिला बाल विकास के परियोजना अधिकारी एवं पर्यवेक्षक अधिकारी अनिश्चितकालीन अवकाश में अपनी विभिन्न मांगो को लेकर है जिसमे परियोजना अधिकारियों एवम् पर्यवेक्षक के ग्रेड पे पूरे देश में सबसे कम, प्रदेश के समकक्ष अधिकारियों में भी सबसे कम, संविदा पर्यवेक्षक का नियमतिकरण प्रमुख मुद्दा है। इसके अतिरिक्त कई मांगे है। विगत कई वर्ष से निरंतर ज्ञापन एवं निवेदन माननीय मुख्यमंत्री जी से किया जा रहा है लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नही निकला है।
देखिए खास रिपोर्ट अनुपपुर से राजकुमार विश्वकर्मा की
Comments
Post a Comment