ठेका श्रमिको के कानून को लागू करने की मांग को लेकर आरसीडब्लूएफ ने किया धरना व चक्काजाम आंदोलन प्रारंभ
ठेका श्रमिको के कानून को लागू करने की मांग को लेकर आरसीडब्लूएफ ने किया धरना व चक्काजाम आंदोलन प्रारंभ
चिरमिरी । आरसीडब्ल्यूएफ यूनियन द्वारा भारत सरकार के राजपत्र को लागू करने और विधि के प्रावधान के अनुसार एसईसीएल में पूर्व नियोजित ठेका कर्मचारियों, जो कि चिरिमिरी के स्थानीय लोग हैं को काम पर लेने हेतु चक्काजाम सह धरनाप्रदर्शन आंदोलन प्रारंभ कर दिया गया है ।
ज्ञात हो कि राष्ट्रीय कोलियरी वर्कर्स फेडरेशन (आरसीडब्ल्यूएफ) द्वारा कोयला खदानों में ओवरबर्डन एवं क्रशर सेक्शन के कार्य जो की स्थाई प्रवृति के कार्य है ।चिरिमिरी ओसीएम में नवीन ठेका कंपनी एसपीएनटी द्वारा पूर्व नियोजित ठेका कर्मियों को नौकरी में अभिमान देने हेतु केंद्र सरकार द्वारा पारित राजपत्र जो कानून है के शर्तों को लागू नही किया जा रहा है । जबकि कानून के पालन करने हेतु यूनियन द्वारा बार-बार नोटिस और ज्ञापन प्रथम नियोक्ता एसईसीएल और ठेकेदार को दिया गया । एसईसीएल एवं ठेकेदारों द्वारा नियम विपरीत पुराने ठेका कर्मियों को नौकरी में नहीं लिया जा रहा है, जबकि यही ठेका कर्मी कोविड काल के खतरनाक समय में अपनी और अपने परिवार जनों की जान की परवाह किए बगैर देश की ऊर्जा जरूरतों की पूर्ति करने हेतु काम करते रहे हैं। 5 फरबरी से रेलवे साइडिंग काटाघर से अनिचितकालीन आंदोलन प्रारंभ कर दिया गया है, जिस कारण कोल डीस्पेच प्रभावित हुआ है।
धरना प्रदर्शन में उपस्थित लोगों को प्रोफेसर भागवत प्रसाद दुबे केंद्रीय महामंत्री आरसीडब्ल्यूएफ, दिलीप जानी, वाचस्पति दुबे, ओमप्रकाश प्रीतम, मोहन लाल प्रजापति, मनोज जैन, आरसिडब्लूएफ ठेका श्रमिक विंग के अध्यक्ष इस्माइल खान "युसूफ", महामंत्री राजकुमार सोनवानी, पिंटू सोनवानी, सेवादल के जिला अध्यक्ष राणा दास, फनीद्र मिश्रा चिरमिरी सत्याग्रही, कामेश्वर सिंह द्वारा भी संबोधित किया गया।

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