Ravan Mandodari Marriage: सिंगरौली में रावण ने मंदोदरी के साथ गंधर्व विवाह रचाया था। उनका विवहह सिंगरौली के माड़ा गुफा में हुआ था। रामायण काल की थाती संजोए माड़ा की गुफाओं का का जितना बखान किया जाये उतना कम है।
मध्य प्रदेश सरकार इन माड़ा गुफाओं की विरासत को बचाये रखने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।आने वाले समय में माड़ा को पूर्ण रूप से विकसित करने की बात सामने आ रही है।इन दिनों बढ़ती सैलानियों की संख्या को देख कर ऐसा लगता है की यह गुफा विश्वपटल पर पर्यटकों को आकर्षित करने में सफल होगी।
आज हम इस पोस्ट में ना केवल रावण और मंदोदरी के गंधर्व विवाह (Ravan Mandodari Marriage) की जानकारी देंगे बल्कि माड़ा गुफा के एटिहासिक महत्व को विस्तार से बताएंगे। आप इस पोस्ट को ध्यान से पढ़ें कई महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तथ्य जानने और समझने को मिलेगा।
सिंगरौली सोनभद्र और सीमावर्ती राज्यों की एरिया धार्मिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक दोनों दृष्टि से काफी समृद्ध है। इसको देखते हुए अनपरा से महज चालीस से पचास किमी की दूरी पर रामायण काल के जीवंतता की जीती-जागती प्रमाण माड़ा की गुफाओं को केंद्र बनाकर सोनभद्र और सिंगरौली में पर्यटन कारीडोर विकसित करने की मांग उठाई जा रही है। मान्यता है कि रावण ने मंदोदरी के साथ इन्हीं गुफाओं में गंधर्व विवाह रचाया था।
रावण माड़ा नामक गुफा में नटराजन की नृत्य करती मूर्ति, पत्थर ढोते वानरों के चित्र, देवी देवताओं के चित्र के साथ बने रहन सहन कक्ष भी प्राचीन सभ्यता की कहानी कहते नजर आते हैं।
माड़ा से चंद किमी की दूरी पर झिग्गा झरिया पर्यटन स्थल भी मन मोह लेता है। अखिल भारतीय उच्च तकनीकी शिक्षा एवं विकास समिति के अध्यक्ष एसके गौतम कहते हैं कि अगर पर्यटन कारीडोर विकसित कर दिया जाए तो जहां इसका सीधा वाराणसी से जुड़ाव हो जाएगा। वहीं ऐसे समय, जब बड़े शहरों में (बारिश के समय) पर्यटन उद्योग मंदी की मार झेलने होता है। उस समय यह बेहतर विकल्प साबित होगा।
अजंता और एलोरा की गुफाओं से होती है माड़ा की तुलनाः माड़ा की गुफाएं सातवीं-आठवीं सदी की शैलोत्कीर्ण रॉक कट गुफाएं हैं जिनकी तुलना अजंता और एलोरा की गुफाओं से की जाती है। यह राक कट गुफाएं भारत की प्राचीन धरोहर है।


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