Skip to main content

अमरकण्टक के सिद्ध संत सीताराम बाबा का माई के बगिया वाला आश्रम।

 

Anuppur, amarkantak 


अमरकण्टक में शतायु सिद्ध संत सीताराम बाबा की ख्याति पूरे नर्मदा क्षेत्र में है। मैं उनके चक्र तीर्थ वाले आश्रम के आँखों देखे विवरण के साथ एक लेख पूर्व में पोस्ट कर चुका हूँ। 

बाबा का मूल मंत्र सीताराम ही है। वे ही आपके इष्ट हैं। हनुमान जी सिद्ध हैं और माँ नर्मदा हृदय में वास करती हैं। 

आडंबरों से दूर अपने तप और साधना पर अधिक केंद्रित हैं। अधिक आनजान आपकी साधना में विघ्न का कारण बनता है इसीलिए कभी चक्रतीर्थ अमरकण्टक के अतिरिक्त माई की बगिया में भी आपनी कुटिया बनायी। 

हम लोग भी अभी नवम्बर २०२२ में दूसरी बार कार परिक्रमा पर निकले तो सीताराम बाबा के दर्शन की फिर उत्सुकता हुई। चक्रतीर्थ पर गए। शाम के चार से पाँच का समय था। अपने वस्त्र ऊपर कर नदी पार करके आश्रम की तरफ़ बढ़ने का प्रयास कर रहे थे तभी किसी सेवक ने आवाज़ लगायी - अब नहीं। समय समाप्त। बाबा भी नहीं हैं। अब आदेश नहीं है। हमने बाहर से प्रणाम किए और वापस अमरकण्टक आ गये। 

अगले दिन माई की बगिया के लिए प्रयास किए। घने जंगल और जल प्रवाह को पार करते हुए दुर्गा धारा होते हुए लगभग पंद्रह बीस किमी चलकर माई के मंडप पहुँचा जाता है। वही क्षेत्र जहां नर्मदा माई के विवाह हेतु मंडप सजाया गया था। 

बहुत ही सुरम्य प्राकृतिक छटा वाला स्थान है। पहाड़ियों और वृक्षों ने प्राकृतिक मंडप स्वयं ही बना दिया है। आनंद और शांति में लिपटा यह केंद्र अवर्णनीय है। 

गाड़ी खड़ी कर नर्मदा पार कर आश्रम में प्रवेश किया। बाबा यहाँ भी नहीं थे। पर पहली बार आश्रम देखने का सुख और लालसा के कारण यह किसी निराशा का समाचार नहीं था। बाबा नहीं तो क्या आश्रम और पीठ दर्शन तो हो ही रहे हैं। 

इस आश्रम में देव प्रतिमा , धुना , और पूजन पाठ को लेकर चक्र तीर्थ की तरह की कुछ समानताएँ दिखाई दीं।

प्रवेश के साथ ही दिव्य पंच मुखी हनुमान जी के दर्शन हुए। एक युवक अखंड ज्योति के साथ रामचरितमानस मानस के पाठ कर रहा था। वहीं शिव लिंग पूजन। धुना भी प्रज्ज्वलित है।त्रिशूल भी स्थापित हैं। चौक पार करके सामने ही फिर धुना और बाबा के निजी कक्ष और रसोई आदि बने हुए हैं। 

तभी बताया गया कि कुछ पीछे जाकर यज्ञ शाला और मंदिर के भी दर्शन कर लें। तो वह भी किया। 

इसके बाद कई सीढ़ियाँ उतर कर खाई में पहाड़ों के बीच सबसे सुरम्य और शांत साधना गुफा है जहां प्राकृतिक झरने की धारा बहकर शिव लिंग का सहज अभिषेक करती नज़र आ रही है।वहीं शिव पुत्र आदि देव गणेश भी हैं तो शिव पुत्री नर्मदा भी गुफा में विराज रही हैं। 

पहाड़ , वृक्ष , झरनों और प्रकृति के मिलन के बीच यह सब अत्यधिक आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र है। यहीं गुफा के एक हिस्से में अखंड ज्योति भी प्रज्ज्वलित है। एक दाढ़ी वाले बुजुर्ग बाबा यहाँ ही निर्जन स्थान पर रहकर पूजा साधना करते हैं। चलो सीताराम बाबा का यह आश्रम भी देखा। अब कभी डिंडौरी के रास्ते बरनाई वाला आश्रम भी देखेंगे। 

नर्मदे हर। 

सीताराम।



——————————

Comments

Popular posts from this blog

जनता की होगी पुलिस, सत्ता की नहीं, MP Police के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के 7 क्रांतिकारी निर्देश

  जनता की होगी पुलिस, सत्ता की नहीं MP Police के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के 7 क्रांतिकारी निर्देश Supreme Court on MP Police: मध्य प्रदेश पुलिस के खिलाफ मिली शिकायतों की स्वतंत्र समीक्षा के लिए शिकायत बोर्ड का करना होगा गठन करने के आदेश... दिए 7 क्रांतिकारी निर्देश Supreme Court on MP Police Complaint Board: राज्य में पुलिस शिकायत बोर्ड का गठन वर्षों से लंबित है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार समिति हर जिले में बनना अनिवार्य है। बोर्ड की अध्यक्षता प्रभारी मंत्री होंगे। उद्देश्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मिली शिकायतों की स्वतंत्र समीक्षा करना है। अब डीजीपी ने हाल ही में आदेश जारी कर जिलों में समिति को तत्काल गठित करने के निर्देश दिए हैं। कई जिलों के अधिकारी प्रक्रिया को टालते रहे। अब प्रत्येक शिकायत, जांच और अधिकारी के कदाचार की समीक्षा बोर्ड के जरिए हो सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है, यह कदम पुलिस जवाबदेही और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा सुधार साबित होगा। बशर्ते समिति सक्रिय रूप से काम करे। जनता की होगी पुलिस, सत्ता की नहीं प्रकाश सिंह बनाम भारत संघ (2006) के मामले में सुप्...

कटनी में पगला कहने पर ऐसा विवाद बढ़ा कि चार लोगों ने मिलकर एक युवक के घर में बम फेंक दिया

 ‘पगला’ कहने पर बढ़ा विवाद तो चार युवकों ने घर के बाहर बम फेंका, इलाके में फैली दहशत MP News: मध्यप्रदेश के कटनी में पगला कहने पर ऐसा विवाद बढ़ा कि चार लोगों ने मिलकर एक युवक के घर में बम फेंक दिया। MP News: मध्यप्रदेश के कटनी शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के गायत्री नगर में उस वक्त हड़कंप मच गया। जब चार युवकों ने घर के बाहल बम फेंक दिया गया। घटना के स्थानीय लोग दहशत में आ गए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। दरअसल, गायत्री नगर स्थित सोनी का बगीचा का मामला है। यहां पर मोहन जायसवाल के घर के बाहर राज बेन, राहुल बेन, प्रशांत बेन और विशाल बेन नामक चार युवक पहुंचे। बताया जाता है कि विवाद की शुरुआत मोहन जायसवाल को ‘पगला’ कहने को लेकर हुई। इसी बात पर कहासुनी बढ़ी और विवाद ने उग्र रूप ले लिया। इसके बाद चारों युवकों ने घर के बाहर बम फेंककर दहशत फैलाते हुए मोहन जायसवाल को जान से मारने की धमकी दी। मोहल्ले में दहशत का माहौल बम फेंकने की जानकारी मिलते ही मोहल्ले में अफरा-तफरी का मच गई। लोग घरों से बाहर निकाल आए और पुलिस को तुरंत सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मोहन जायसवाल की श...

10 साल की मूक-बधिर मासूम बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म का रौंगटे खड़े कर देने वाला मामला

10 साल की मासूम का गैंग रेप, मूक-बधिर को सड़क से उठा ले गए थे दरिंदे Minor Gang Rape MP: एमपी के अशोकनगर जिले में 10 साल की मूक-बधिर मासूम बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म का रौंगटे खड़े कर देने वाला मामला, कुशवाह समाज ने आरोपियों का समाज से किया बहिष्कार, दिल दहला देने वाले इस मामले में दिव्यांगों ने कलेक्टर को सौंपा सीएम के नाम का ज्ञापन, फांसी की मांग पर अड़े Minor Gang Rape MP: दो दिन पहले 10 वर्षीय नाबालिग मूक-बधिर से हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में कुशवाह समाज ने बड़ा निर्णय लिया है। तीनों आरोपी कुशवाह समाज के हैं, जिन्हें समाज ने बहिष्कृत कर दिया है। आरोपियों को कठोर सजा देते हुए समाज ने इन आरोपियों और उनके परिवारों से हर तरह का रिश्ता और संपर्क खत्म कर दिया है। कुशवाह समाज का ये निर्णय जिलेभर में चर्चा बना हुआ है। यहां पढ़ें खौफनाक हादसे का पूरा सच मामला 26 सितंबर की शाम को नईसराय थाना क्षेत्र के एक गांव का है। जहां पर पड़ोसी गांव किरोंदा के भगवत पुत्र परमानंद कुशवाह, अजय उर्फ संजू पुत्र दमोदर कुशवाह और जगदीश उर्फ चऊआ पुत्र मुन्नालाल कुशवाह ने 10 वर्ष की नाबालिग को रास...