खरीदी केंद्रों में अव्यवस्थाओं का आलम: धान को बारिश से बचाने के लिए कोई इंतजाम नहीं, मौसम बदलने से किसान चिंतित
अनूपपुर। अनूपपुर जिले में 28 नवंबर से 15 जनवरी तक पंजीकृत किसान अपना धान बेच सकते हैं। जिले में कुल 34 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। जिले में 17 स्व सहायता समूह और 17 सोसाइटी धान खरीद रही हैं। जिले के स्वामी विवेकानंद स्मार्ट सिटी पटनाकला खरीदी केंद्र लगभग 9 हजार क्विंटल धान खरीदा जा चुका है। लेकिन अचानक मौसम के करवट बदलने के साथ अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आ रही है। धान खरीदी केंद्रों में खुले में धान रखा गया है। धान को बारिश से बचाने के लिए किसी भी प्रकार का प्रबंध नहीं किया गया है। ऐसे में अगर बारिश हुई तो किसानों की धान खराब हो जाएगी।
आसमान के नीचे खरीदी केंद्रों में धान पड़ा हुआ है। बारिश होने पर धान भीग सकता हैं। जिले में पंजीकृत 17138 किसानों में अब तक 1275 किसानों ने धान बेचा है। अब तक 6 लाख 59 हजार 71 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। वहीं आदिम जाति सेवा सहकारी समिति दमेहडी में खरीदी अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। वहीं स्व सहायता समूह द्वारा संचालित पयारी में मात्र दो ही किसानों ने धान बेचा है। यह भी जानकारी सामने आ रही कि धान रखने के लिए जगह भी पर्याप्त नहीं है वहीं पर बदरा सकोला नेशनल हाईवे के बगल में संतोषी स्व सहायता समूह द्वारा धान की खरीदी की जा रही है जहां पर भारी अव्यवस्था का आलम है और धान खरीदी स्थल पर कोई भी स्व सहायता समूह की महिलाएं मौजूद नहीं रहती जहां पर ना तो किसानों को अपना साधन लाने ले जाने की व्यवस्था है और ना ही धान को ढकने की जिला प्रशासन से इस और कार्यवाही की मांग की गई है

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