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कोयला खदान चालू कराने हेतु पांचो श्रम संगठन 26 दिसंबर को करेंगे चक्का जाम जिला प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप

 

अनुपपुर jamuna kotma area 




पिछले 12 अगस्त 2022 से एसईसीएल जमुना कोतमा क्षेत्र की आमाडांड खुली खदान परियोजना का उत्पादन कार्य पूरी तरह से इसलिए बंद पड़ा है कि वहां पर नौकरी और मुआवजे की मांग को लेकर कुछ पात्र तो कुछ अपात्र लोगों के द्वारा विवाद की स्थिति निर्मित की जा रही है जिसके कारण से उत्पादन कार्य बंद पड़ा हुआ है इस बात की जानकारी जिला प्रशासन से लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी है और एसईसीएल प्रबंधन जिला प्रशासन से खदान चालू कराने हेतु सहयोग की अपेक्षा लगातार कर रहा  है तो वहीं कुंभकर्णी निद्रा में सोए हुए जिला प्रशासन को जगाने के लिए 26 दिसंबर 2022 को नेशनल हाईवे 43 बदरा में पांचो पांडव यानी जमुना कोतमा क्षेत्र के पांचों श्रम संगठन के कार्यकर्ता और पदाधिकारी अनिश्चितकालीन चक्का जाम कर खदान चालू करने हेतु अपनी आवाज बुलंद करेंगे।


अनूपपुर। जिले की एसईसीएल जमुना कोतमा क्षेत्र की खुली खदान परियोजना आमाडांड के कोयला उत्पादन का कार्य पिछले 5 माह से इस कारण से बंद है कि वहां पर कुछ पात्र तो कुछ अपात्र व्यक्तियों के द्वारा नौकरी और मुआवजे की मांग को लेकर विरोध प्रकट किया जा रहा है और कार्य में अवरोध उत्पन्न किया जा रहा है  जबकि परियोजना के लिए नीमहा कुहका एवं आमाडांड  की कुल भूमि रकबा 1729 अधिकृत किया जाकर अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा राज्य शासन के समक्ष एसईसीएल द्वारा जमा किया जा चुका है पात्रता के आधार पर पूर्व में 516 रोजगार मध्य प्रदेश पुनर्वास एवं कोलइंडिया पुनर्वास योजना के तहत प्रदान किया जा चुका है उसके अतिरिक्त कुल 116 रोजगार और भी प्रदान किए जा चुका हैं इस तरह से प्रभावित भू स्वामियों को कुल 26.15 करोड़ की राशि का भुगतान किया जा चुका है इसके बाद भी कुछ अपात्र लोगों के द्वारा खदान के संचालन में व्यवधान उत्पन्न कर कार्य को प्रभावित किया जा रहा है और कोयला खदान बंद पड़ी है। खदान बंद होने से हजारों मजदूरों के रोजी रोटी पर संकट गहराने लगा है तो वही मध्य प्रदेश के राजस्व को भी 29 . 87  लाख रुपए प्रतिदिन का नुकसान हो रहा है। खदान को शीघ्र चालू कराने हेतु जमुना कोतमा क्षेत्र के पांचो श्रम संगठन लामबंद होकर 26 दिसंबर 2022 को बदरा नेशनल हाईवे 43 पर अनिश्चितकालीन चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन करेंगे जिसको लेकर 10 दिसंबर 2022 को सभी श्रम संगठन के प्रतिनिधियों ने कोतमा कालरी गेस्ट हाउस में प्रेस वार्ता कर मीडिया के समक्ष अपनी बात रखी।


जिला प्रशासन की लापरवाही :-श्रीकांत शुक्ला


प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए एचएमएस यूनियन के क्षेत्रीय अध्यक्ष श्रीकांत शुक्ला ने कहा कि जमुना कोतमा क्षेत्र का भविष्य आमाडांड खुली खदान परियोजना पर टिका हुआ है जहां हजारों मजदूरों का जीवन यापन चल रहा है और इस खदान का उत्पादन कार्य बंद होने से एक बड़ा संकट क्षेत्र पर मंडरा रहा है लेकिन अनूपपुर का जिला प्रशासन इस और कोई ध्यान नहीं दे रहा है और उनकी लापरवाही  के कारण आज ऐसी स्थिति बनी हुई है जहां पर चंद अपात्र लोग पहुंचकर खदान को बंद करा दे रहे हैं और जिला प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा हुआ है। हमें अपने क्षेत्र के लोगों का भविष्य बचाने के लिए करो या मरो की स्थिति खड़ी हो गई है और हम सब मिलकर खदान चालू कराने हेतु चक्का जाम करेंगे और इसके आगे भी कोई कदम उठाना पड़ा तो उठाया जाएगा


हम श्रमिकों के भविष्य के लिए लड़ते हैं :- संजय सिंह


भारतीय मजदूर संघ जमुना कोतमा क्षेत्र के क्षेत्रीय महामंत्री संजय सिंह ने कहा कि हमारा संगठन हमेशा मजदूरों के भविष्य के लिए संघर्ष करता है आज आमाडांड खुली खदान परियोजना के बंद होने से हमारे मजदूरों के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है वही  खदान बंद होने के कारण ठेका मजदूरों के पलायन की स्थिति निर्मित हो गई है हम सभी आमाडांड खुली खदान परियोजना के पात्र हितग्राहियों के विरोधी नहीं हैं लेकिन यहां पर अपात्र लोगों की संख्या ज्यादा है जिनका कोई अधिकार ना तो मुआवजा के लिए बनता है और ना ही नौकरी के लिए फिर भी अवरोध उत्पन्न कर खदान को बंद करा रहे हैं ऐसे लोगों के विरुद्ध जिला प्रशासन यदि समय रहते कठोर कदम उठाता तो आज यह नौबत नहीं आती, लेकिन आज भी जिला प्रशासन सोया हुआ है और ऐसे लोगों के हौसले बुलंद हैं चंद लोगों के कारण ही हजारों लोगों का भविष्य दांव  पर लगा हुआ है हम सब चक्का जाम करेंगे और जरूरत पड़ी तो रेल रोको आंदोलन भी करेंगे।


अपात्र लोगों के विरुद्ध हो कार्यवाही:-  लालमन सिंह


एटक यूनियन के क्षेत्रीय सचिव लालमन सिंह ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा की आमाडांड खुली खदान परियोजना में जो भी अपात्र व्यक्ति सामने आकर खदान के संचालन में व्यवधान उत्पन्न कर रहे हैं ऐसे कुछ चिन्हित लोग हैं जिनके खिलाफ जिला प्रशासन को कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए जिससे कि खदान का संचालन सुचारू रूप से संचालित हो सके जमुना कोतमा क्षेत्र की जीवन रेखा जिसका वार्षिक उत्पादन क्षमता 40 लाख टन है जिसकी रॉयल्टी मध्य प्रदेश सरकार को 29. 87 लाख रुपए प्रतिदिन दी जा रही है और चंद लोगों के कारण मध्य प्रदेश सरकार सहित कोल इंडिया को भारी नुकसान पहुंच रहा है जिला प्रशासन के द्वारा सहयोग ना किए जाने को लेकर हम सभी चक्का जाम करेंगे और आगे भी यह लड़ाई जारी रहेगी।


जानकारी होने के बाद भी जिला प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान


सीटू यूनियन के अध्यक्ष अनिल शर्मा एवं इंटक यूनियन के क्षेत्रीय अध्यक्ष रमेश कुशवाहा के द्वारा प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा गया कि जिला प्रशासन के पास सारी जानकारी होने के बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है नहीं तो इतना दिनों तक खदान का उत्पादन बंद नहीं होता खदान बंद होने से लगभग 300 कंपनी के कर्मचारियों को स्थानांतरण किए जाने की स्थिति निर्मित हो गई है तथा कोयला परिवहन एवं ठेकेदारी में लगे कामगारों के भी सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है अनूपपुर कलेक्टर को पांचों श्रम संगठन के प्रतिनिधियों द्वारा खदान को चालू कराने हेतु ज्ञापन सौंपा गया है अन्यथा 26 दिसंबर 2022 को अनिश्चितकालीन चक्का जाम किया जाएगा

प्रेस वार्ता के दौरान जमुना कोतमा क्षेत्र के श्रम संगठन बीएमएस के अध्यक्ष सुरेश राठौर महामंत्री संजय सिंह एचएमएस के अध्यक्ष श्रीकांत शुक्ला जेसीसी सदस्य विक्रम प्रसाद एटक के महामंत्री राजकुमार शर्मा लालमन सिंह सीटू के अध्यक्ष अनिल शर्मा सचिव आर एस यादव इंटर के अध्यक्ष रमेश कुशवाहा महामंत्री संजय कुमार उपस्थित रहे।

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