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चिरमिरी-चंदिया-चिरमिरी ट्रेन यात्रियों के लिए थी वरदान रेलवे कर रहा अनूपपुर जं.तक परिचालन,विस्तार जरूरी

 


                        

अनूपपुर (ब्यूरो) सन 2020 में कोरोना क्या आया रेलवे ने ट्रेनों का पूरा शेड्यूल ही बदल डाला।जिसका परिणाम है कि आज तक कई ट्रेनें प्रारंभ नहीं हुई,वही ट्रेनों के स्टॉपेज काफी संख्या में बंद कर दिए गए वह भी फिर से प्रारंभ नहीं किए गए जिससे यात्री काफी परेशान है।उसे सड़क मार्ग से काफी राशि खर्च कर प्राइवेट वाहनों,बस से सफर करना पड़ता है जिससे बेवजह यात्रियों को तमाम तरह की परेशानियों का सामना तो करना पड़ रहा है,वही आर्थिक रूप से यात्री टूटता चला जा रहा है।लेकिन रेलवे को इससे कोई लेना-देना नहीं।देखा जा रहा था कि चिरमिरी-चंदिया- चिरमिरी 58221/58222 नंबर से ट्रेन संचालित हो रही थी उस ट्रेन को आज दिनांक तक प्रारंभ नहीं किया गया।यह ट्रेन यात्रियों के लिए वरदान थी।यात्रियों को कटनी से कोई ट्रेन पकड़ना होता था तो वह इस ट्रेन से चंदिया तक जाकर बस व टैक्सी से कटनी स्टेशन पहुंच जाता था और अपने आगे की यात्रा करता था।वही काफी संख्या में यात्री जो कटनी तक आ जाते थे वह चंदिया स्टेशन पर आकर चंदिया-चिरमिरी ट्रेन पकड़कर अपने गंतव्य पर समय से पहुंच जाते थे।लेकिन रेलवे को यात्रियों की सुविधाओं से कोई लेना-देना नहीं जिसका परिणाम है कि ट्रेन को आज दिनांक तक चंदिया तक संचालित नहीं किया गया। बल्कि उसी ट्रेन को स्पेशल बनाकर स्पेशल नंबर 08269/08270 चिरमिरी-अनूपपुर-चिरमिरी के मध्य चलाया जा रहा है और इस ट्रेन के गिनती के स्टॉपेज चिरमिरी से अनूपपुर के मध्य है।छोटे-छोटे स्टेशनों पर ट्रेन नहीं रुकती यहां तक कि मनेंद्रगढ़ जैसे बड़े स्टेशन पर भी ट्रेन का स्टॉपेज नहीं दिया गया।चिरमिरी से सुबह 9 बजे चलकर यह ट्रेन 11.30 पर अनूपपुर आकर खड़ी हो जाती है।अनूपपुर में लगभग 06.30 घंटे खड़ी रहने के बाद शाम को 18.00 बजे अनूपपुर से चिरमिरी के लिए प्रस्थान करती है।अगर रेलवे चाह ले तो इस ट्रेन को चंदिया तक भेजकर वापस अनूपपुर तक लाते हुए चिरमिरी अपने निर्धारित समय पर पहुंचा सकता है।लेकिन रेलवे इसका परिचालन अनूपपुर तक ही कर रहा है जिससे रेलवे के राजस्व में भी नुकसान हो रहा है।देखा जाता था कि यह ट्रेन यात्रियों के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए भी लाभप्रद थी।लेकिन रेलवे घाटे में ट्रेन को चला रहा है।जिले की सांसद जिसकी दिल्ली में पकड़ होती है उनका यात्री सुविधा में कोई इंटरेस्ट नजर नहीं आता जिसका परिणाम है कि यात्रियों को सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही।शहडोल संभाग में जेडआरयूसीसी एवं 

डीआरयूसीसी के मेंबर हैं लेकिन कभी किसी ने रेलवे का ध्यान मुद्दों की बातों पर नहीं दिलाया।जिसका परिणाम आम जनता के सामने हैं।आवश्यकता है जनप्रतिनिधि जागे,अपने सांसद को जगाए और यात्रियों के लिए वरदान बन चुकी चिरमिरी-चंदिया ट्रेन को फिर से पटरी पर लाने के लिए उन्हें मजबूर कर दे। निश्चित ही आवाज बुलंद होगी तो यात्री सुविधाओं का इजाफा होगा और ट्रेन फिर से पटरी पर चलने लगेगी।


रीवा-चिरमिरी-रीवा

ट्रेन प्रतिदिन चलाएं


कोरोना काल के पूर्व रीवा से चिरमिरी एवं चिरमिरी से रीवा चलने वाली 11751/11752 ट्रेन प्रतिदिन चलती थी और देखा जाता था कि यह ट्रेन हमेशा यात्रियों से खचाखच भरी होती थी यहां तक की रिजर्वेशन की सभी बोगी हमेशा फुल रहती थी।लेकिन रेलवे ने काफी समय बाद इस ट्रेन का परिचालन अवश्य प्रारंभ किया लेकिन यात्री सुविधाओं को तिलांजलि देते हुए।सप्ताह में 3 दिन चलाया जा रहा है जिसका परिणाम है कि यात्रियों को प्रतिदिन ट्रेन की सुविधा नहीं मिल पा रही।देखा जा रहा है कि तीन दिन भी ट्रेन यात्रियों से खचाखच भरी होती है।उसके बाद भी रेलवे अपने अड़ियल रवैया के कारण केवल तीन दिन ट्रेन का संचालन कर रहा है। इसके लिए भी आवश्यकता है कि शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद जागे इसके साथ ही जनप्रतिनिधि जागे एवं जेडआरयूसीसी एवं डीआरयूसीसी के मेंबर जागे तभी इस ट्रेन की सुविधा यात्रियों को प्रतिदिन मिल पाएगी।अन्यथा यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन ही चलती रहेगी और यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। जबकि यह ट्रेन भी रेलवे को अच्छा राजस्व देती है उसके बाद भी रेलवे जानबूझकर यात्रियों को सुविधाओं से वंचित कर रहा है।

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