Skip to main content

पुलिस पर चूहे भारी:थाने के मालखाने से 581 किलो गांजा खा गए चूहे,कोर्ट में पेश की पुलिस ने रिपोर्ट

 



मथुरा।उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में हैरान करने वाला मामला सामने आया है।थाने में रखा 581 किलो गांजा चूहे खा गए।ये हम नहीं पुलिस की कोर्ट में पेश की गई रिपोर्ट चिल्ला-चिल्ला कह रही है।रस्सी का सांप बनाने में मथुरा पुलिस माहिर है। अब यहां कि पुलिस ने कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल कर बताया है कि मालखाने में रखा गया 581 किलो गांजा चूहे खा गए।गांजे की इतनी बड़ी खेप पुलिस ने दो मामलों में जब्त की थी।इसके बाद थाने के मालखाने में इसको साक्ष्य के तौर पर रखा गया था।इस रिपोर्ट को पढ़ने के बाद अच्छे-अच्छे लोगों के सिर चकरा गए।अब चूहो के गांजा खाने का मामला चर्चा का विषय बन गया है।मामला शेरगढ़ और हाईवे थाना पुलिस से जुड़ा हुआ है। 


 मथुरा के शेरगढ़ और हाईवे थाना पुलिस ने साल 2018 में 386 और 195 किलो गांजा कुछ अपराधियों के साथ पकड़ा था।इसके बाद गांजे को मालखाने में जमा करा दिया गया था।पुलिस ने सबूत के तौर पर गांजे का सैंपल भी कोर्ट में पेश किया था।इसके बाद एडीजे सप्तम संजय चौधरी ने पुलिस को आदेश दिया कि गांजे की पूरी खेप कोर्ट में सील मुहर के साथ पेश किया जाए। इसके बाद पुलिस का जवाब चौंकाने वाला था। पुलिस ने कोर्ट में रिपोर्ट लगाई कि सारा गांजा चूहे खा गए। ऐसे में उसे कोर्ट में पेश नहीं किया जा सकता है।इस रिपोर्ट को देखकर न्यायाधीश भी दंग रह गए।एडीजे सप्तम के न्यायालय ने दोनों ही थाना प्रभारियों को इस मामले के साक्ष्य कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं।वहीं एसएसपी को भी चूहों से बचाव करने के निर्देश दिए हैं।


मामले के तूल पकड़ने के बाद थाना प्रभारियों ने सुर बदलते हुए राग अलाप दिया हैं।हाईवे के इंस्पेक्टर छोटेलाल का कहना है कि 7 अक्टूबर 2022 को हुई बारिश के बाद थाने में पानी भर गया था।उस कारण गांजा खराब हो गया, जो अभी तक हमारे पास थाने में मौजूद है।वहीं इंस्पेक्टर शेरगढ़ सोनू कुमार ने कहा कि हमारे पास पूरा गांजा मौजूद है।हमने कोर्ट के सामने पेश कर दिया है।बारिश में मालखाने में उसमें पानी गिर गया था।बहरहाल दोनों इस्पेक्टर अपनी-अपनी सफाई लगभग एक सी दलील दे रहे हैं।


जानकारों का कहना है कि इतनी मात्रा में चूहों द्वारा गांजे को सफाचट कर जाना लगभग असंभव प्रतीत होता है,लेकिन इस गांजे की कीमत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यदि किसी व्यक्ति के पास 20-25 किलो गांजा पकड़ा जाता है तो उसे लगभग 10 साल तक की कठोर सजा और एक लाख रुपए तक जुर्माना संभव है।पुलिस विभाग को देश की बाकी सभी अन्य सरकारी एजेंसियों के मुकाबले अधिक जिम्मेदार और सक्षम माना जाता है।ऐसे में 581 किलो गांजा चूहों द्वारा सफाचट कर जाना सुर्खियों में है।


1985 तक देश में पूरी तरह से वैध था


आपको बता दें कि कैनबिस या गांजा भारत में सबसे अधिक खपत किए जाने वाले अवैध मादक पदार्थों में से एक है,जो 1985 तक देश में पूरी तरह से वैध था।यह देश में आध्यात्मिक और धार्मिक समारोहों से हजारों वर्षों से जुड़ा हुआ है। 1985 में केंद्र सरकार ने मादक दवाओं और मनोदैहिक पदार्थों को पारित किया,जो नशीली दवाओं और नशीले पदार्थों की खेती, कब्जे, वितरण, खरीद और व्यापार को प्रतिबंधित करता है, जिसमें गांजा के चिकित्सा और वैज्ञानिक उपयोग शामिल हैं।यह अधिनियम राजीव गांधी के तहत पारित किया गया था,जिसमें रोनाल्ड रीगन के नेतृत्व वाले प्रशासन से एकजुट राज्यों में ड्रग्स पर युद्ध के चरम पर था।विडंबना यह है कि एकजुट राज्यों के कई राज्यों ने अब गांजा के कमर्शियल और चिकित्सा उपयोग को वैध कर दिया है।बरहाल भारत में 1985 का NDPS अधिनियम अभी भी गांजा के बारे में कानूनों को नियंत्रित करता है और संयंत्र (गांजा) और राल (चरस) के फलने वाले शीर्ष पर कब्जे या खपत के लिए गंभीर कानूनी मुद्दों को जन्म दे सकता है। जुर्माना कोकीन और हेरोइन जैसे अन्य नशीले पदार्थों की तरह सवाल के तहत मात्रा पर निर्भर है।

Comments

Popular posts from this blog

जनता की होगी पुलिस, सत्ता की नहीं, MP Police के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के 7 क्रांतिकारी निर्देश

  जनता की होगी पुलिस, सत्ता की नहीं MP Police के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के 7 क्रांतिकारी निर्देश Supreme Court on MP Police: मध्य प्रदेश पुलिस के खिलाफ मिली शिकायतों की स्वतंत्र समीक्षा के लिए शिकायत बोर्ड का करना होगा गठन करने के आदेश... दिए 7 क्रांतिकारी निर्देश Supreme Court on MP Police Complaint Board: राज्य में पुलिस शिकायत बोर्ड का गठन वर्षों से लंबित है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार समिति हर जिले में बनना अनिवार्य है। बोर्ड की अध्यक्षता प्रभारी मंत्री होंगे। उद्देश्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मिली शिकायतों की स्वतंत्र समीक्षा करना है। अब डीजीपी ने हाल ही में आदेश जारी कर जिलों में समिति को तत्काल गठित करने के निर्देश दिए हैं। कई जिलों के अधिकारी प्रक्रिया को टालते रहे। अब प्रत्येक शिकायत, जांच और अधिकारी के कदाचार की समीक्षा बोर्ड के जरिए हो सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है, यह कदम पुलिस जवाबदेही और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा सुधार साबित होगा। बशर्ते समिति सक्रिय रूप से काम करे। जनता की होगी पुलिस, सत्ता की नहीं प्रकाश सिंह बनाम भारत संघ (2006) के मामले में सुप्...

कटनी में पगला कहने पर ऐसा विवाद बढ़ा कि चार लोगों ने मिलकर एक युवक के घर में बम फेंक दिया

 ‘पगला’ कहने पर बढ़ा विवाद तो चार युवकों ने घर के बाहर बम फेंका, इलाके में फैली दहशत MP News: मध्यप्रदेश के कटनी में पगला कहने पर ऐसा विवाद बढ़ा कि चार लोगों ने मिलकर एक युवक के घर में बम फेंक दिया। MP News: मध्यप्रदेश के कटनी शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के गायत्री नगर में उस वक्त हड़कंप मच गया। जब चार युवकों ने घर के बाहल बम फेंक दिया गया। घटना के स्थानीय लोग दहशत में आ गए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। दरअसल, गायत्री नगर स्थित सोनी का बगीचा का मामला है। यहां पर मोहन जायसवाल के घर के बाहर राज बेन, राहुल बेन, प्रशांत बेन और विशाल बेन नामक चार युवक पहुंचे। बताया जाता है कि विवाद की शुरुआत मोहन जायसवाल को ‘पगला’ कहने को लेकर हुई। इसी बात पर कहासुनी बढ़ी और विवाद ने उग्र रूप ले लिया। इसके बाद चारों युवकों ने घर के बाहर बम फेंककर दहशत फैलाते हुए मोहन जायसवाल को जान से मारने की धमकी दी। मोहल्ले में दहशत का माहौल बम फेंकने की जानकारी मिलते ही मोहल्ले में अफरा-तफरी का मच गई। लोग घरों से बाहर निकाल आए और पुलिस को तुरंत सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मोहन जायसवाल की श...

10 साल की मूक-बधिर मासूम बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म का रौंगटे खड़े कर देने वाला मामला

10 साल की मासूम का गैंग रेप, मूक-बधिर को सड़क से उठा ले गए थे दरिंदे Minor Gang Rape MP: एमपी के अशोकनगर जिले में 10 साल की मूक-बधिर मासूम बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म का रौंगटे खड़े कर देने वाला मामला, कुशवाह समाज ने आरोपियों का समाज से किया बहिष्कार, दिल दहला देने वाले इस मामले में दिव्यांगों ने कलेक्टर को सौंपा सीएम के नाम का ज्ञापन, फांसी की मांग पर अड़े Minor Gang Rape MP: दो दिन पहले 10 वर्षीय नाबालिग मूक-बधिर से हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में कुशवाह समाज ने बड़ा निर्णय लिया है। तीनों आरोपी कुशवाह समाज के हैं, जिन्हें समाज ने बहिष्कृत कर दिया है। आरोपियों को कठोर सजा देते हुए समाज ने इन आरोपियों और उनके परिवारों से हर तरह का रिश्ता और संपर्क खत्म कर दिया है। कुशवाह समाज का ये निर्णय जिलेभर में चर्चा बना हुआ है। यहां पढ़ें खौफनाक हादसे का पूरा सच मामला 26 सितंबर की शाम को नईसराय थाना क्षेत्र के एक गांव का है। जहां पर पड़ोसी गांव किरोंदा के भगवत पुत्र परमानंद कुशवाह, अजय उर्फ संजू पुत्र दमोदर कुशवाह और जगदीश उर्फ चऊआ पुत्र मुन्नालाल कुशवाह ने 10 वर्ष की नाबालिग को रास...