चाईबासा।झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले की भौगोलिक स्थिति सारंडा अकेल 840 वर्ग मिल कुल मिलाकर 5.351 वर्ग मील है।गरीब गुरबा लोग अपने छोटे और बड़े सरकारी काम करवाने के लिए लगभग 100 किलोमीटर की दूरी तय कर जिला मुख्यालय आते है।इसे दुर्भाग्य कहे या कुछ और सरकारी दफ्तरों में अधिकारी पदाधिकारियो की उपस्थिति नगण्य होंने के कारण गरीब जनता को खासी परेशानी हो रही है।जिले के अधिकतर कार्यालयों में कमोबेश यही स्थिति है।
आपको बता दें कि सरकारी दफ्तरों में हालात यह है कि अधिकारी है तो बाबू नहीं, बाबू है तो बड़े साहब नहीं।जनता दर्शन के दिन भी बहुत अच्छे नही कही जा सकती है।सरकारी कार्यलयों में जनता दर्शन का मतलब अधिकारियों पदाधिकारियो को दूर दराज से आने वाली जनता का दर्द को सुनना और उनकी समस्या का समाधान करना है,लेकिन ऐसा नही हो रहा है।बस यही कारण है कि जनता दूर दराज की परेशानी के दलदल में उलझ कर रह जाती है।खास कर बुजुर्गो और महिलाओं को भारी समस्या हो रही है।सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के दौरान तो लोगो को सब्र रहा की अधिकारी पदाधिकारी फील्ड में है,लेकिन यह कार्यक्रम खत्म होने के बाद दफ्तर में यह स्थिति लोगो को चिंता ग्रस्त कर रही है।

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